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खास खबर

खाने की तलाश में ट्रेन से सफर करती हैं दो मैना

  सिडनी में रोजाना ट्रेन पर सवार होकर तय करती हैं दूरी, यात्रियों के बीच बनीं आकर्षण का केंद्र सिडनी। ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में दो मैना पक्षियों की अनोखी दिनचर्या इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। दोनों मैना को नियमित रूप से ट्रेन में बैठकर सफर करते देखा जा रहा है। यात्रियों के बीच इनका वीडियो वायरल होने के बाद इनके ट्रेन सफर की वजह भी सामने आई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, दोनों पक्षी घूमने के लिए नहीं, बल्कि खाने की तलाश में ट्रेन का इस्तेमाल करती हैं। बताया गया कि सिडनी की नॉर्थ शोर लाइन पर एक यात्री ने ट्रेन में सीट के पास दोनों मैना को आराम से बैठे देखा। यात्री को पहले लगा कि पक्षी गलती से ट्रेन में आ गए हैं। बाद में ट्रेन के एक गार्ड ने बताया कि दोनों पक्षी अक्सर ट्रेन में दिखाई देती हैं और लिंडफील्ड से आर्टार्मन के बीच नियमित रूप से आती-जाती हैं। माना जाता है कि वे रास्ते में मिलने वाले भोजन की तलाश में ट्रेन पर सवार होती हैं। इंसानी माहौल में ढलने में माहिर विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्य मैना बेहद बुद्धिमान और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने वाली पक्षी है। शहरी इलाको...

नौकरी दिलाने के नाम पर 32 लाख की ठगी का आरोप, कोर्ट के आदेश पर मुकदमा


रकम वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप

आजमगढ़। शिक्षा विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 32 लाख रुपये लेने और बाद में रकम वापस मांगने पर गाली-गलौज व धमकी देने के आरोप में जहानागंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। न्यायालय के आदेश के बाद दर्ज हुए मुकदमे में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
जहानागंज थाने के बड़ौरा बुजुर्ग गांव निवासी प्रदीप कुमार पुत्र चुन्नीलाल ने महराजगंज थाना क्षेत्र के भीलमपुर गांव निवासी राजेश यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस के अनुसार मुकदमा तीन सितंबर की रात करीब 9:23 बजे दर्ज किया गया। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 352, 351(4) के साथ एससी/एसटी अधिनियम की संबंधित धाराएं लगाई गई हैं।
प्रदीप कुमार का आरोप है कि राजेश यादव ने वर्ष 2018 से शिक्षा विभाग में नौकरी लगवाने का भरोसा देकर उनसे और उनके चाचा से अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से करीब 22 लाख रुपये लिए। इसके अलावा 10 लाख रुपये नकद भी दिए गए। शिकायतकर्ता ने नकद रकम दिए जाने का वीडियो भी अपने पास होने का दावा किया है। आरोप है कि रकम लेने के बाद आरोपी की ओर से नियुक्ति पत्र दिया गया। इसके बाद 18 जुलाई 2024 को उच्च शिक्षा निदेशालय, निशातगंज, लखनऊ के सचिव के नाम से एक अन्य नियुक्ति पत्र भी दिया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार जांच कराने पर यह नियुक्ति पत्र भी फर्जी पाया गया। प्रदीप का आरोप है कि जब उसने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता के मुताबिक उसने 19 जून 2026 को रजिस्ट्री के माध्यम से मामले की लिखित शिकायत पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ से की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश के बाद जहानागंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है। जांच क्षेत्राधिकारी नगर आस्था जायसवाल को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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