सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

खास खबर

संदिग्ध हाल में तालाब में मिला युवक का शव

मछली पालन के तालाब की करता था रखवाली पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज आजमगढ़। पवई थाना क्षेत्र के बखरिया ग्राम पंचायत में रविवार सुबह मछली पालन के तालाब में युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बखरिया गांव निवासी पवन गिरी (32) पुत्र प्रेम गिरी मछली पालन के तालाब की रखवाली करता था। रविवार सुबह करीब 7:30 बजे घर से लगभग 500 मीटर दूर स्थित तालाब में उसका शव पड़ा मिला। प्रथम दृष्टया युवक की मौत तालाब में डूबने से होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके की जांच-पड़ताल करने के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थानाध्यक्ष मनीष पाल ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पवन चार भाइयों में सबसे बड़ा था। बताया गया कि उसकी पत्नी पहले ही उसे छोड़कर चली गई थी। युवक की मौत से परि...

खाने की तलाश में ट्रेन से सफर करती हैं दो मैना

 

सिडनी में रोजाना ट्रेन पर सवार होकर तय करती हैं दूरी, यात्रियों के बीच बनीं आकर्षण का केंद्र

सिडनी। ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में दो मैना पक्षियों की अनोखी दिनचर्या इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। दोनों मैना को नियमित रूप से ट्रेन में बैठकर सफर करते देखा जा रहा है। यात्रियों के बीच इनका वीडियो वायरल होने के बाद इनके ट्रेन सफर की वजह भी सामने आई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, दोनों पक्षी घूमने के लिए नहीं, बल्कि खाने की तलाश में ट्रेन का इस्तेमाल करती हैं।

बताया गया कि सिडनी की नॉर्थ शोर लाइन पर एक यात्री ने ट्रेन में सीट के पास दोनों मैना को आराम से बैठे देखा। यात्री को पहले लगा कि पक्षी गलती से ट्रेन में आ गए हैं। बाद में ट्रेन के एक गार्ड ने बताया कि दोनों पक्षी अक्सर ट्रेन में दिखाई देती हैं और लिंडफील्ड से आर्टार्मन के बीच नियमित रूप से आती-जाती हैं। माना जाता है कि वे रास्ते में मिलने वाले भोजन की तलाश में ट्रेन पर सवार होती हैं।

इंसानी माहौल में ढलने में माहिर

विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्य मैना बेहद बुद्धिमान और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने वाली पक्षी है। शहरी इलाकों में इंसानों के आसपास रहने के कारण इन्हें भोजन के नए स्रोत तलाशने में आसानी होती है। कूड़ेदानों और सार्वजनिक स्थानों पर बचे भोजन की तलाश करना इनके व्यवहार का हिस्सा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि संभवतः इन मैना ने ट्रेन के दरवाजे खुलने और आसपास भोजन मिलने के बीच संबंध समझ लिया है। एक बार उन्हें ट्रेन के जरिए भोजन वाले इलाकों तक पहुंचने का फायदा मिला तो उन्होंने इस व्यवहार को दोहराना शुरू कर दिया। इसी वजह से दोनों पक्षियों के नियमित रूप से एक ही मार्ग पर ट्रेन में सफर करने की संभावना जताई गई है।

यात्रियों के लिए कौतूहल

ट्रेन में इंसानों की तरह शांत बैठी इन दोनों मैना को देखकर यात्री भी हैरान हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद कई लोगों ने ऐसी पक्षियों को पहले भी ट्रेन में देखने का अनुभव साझा किया। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह घटना बताती है कि शहरी वन्यजीव किस तरह इंसानों द्वारा बनाए गए परिवहन और भोजन के स्रोतों के अनुरूप अपना व्यवहार बदल रहे हैं।

सर्वाधिक पढ़ीं गईं