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खास खबर

छत के रास्ते घर में घुसे चोर, 16 लाख के जेवर व सवा लाख नकदी ले उड़े

बिलरियागंज के श्रीनगर (सियरहां) गांव में वारदात परिवार सोता रहा, दूसरे घर में भी चोरी की कोशिश नाकाम आजमगढ़। बिलरियागंज थाना क्षेत्र के श्रीनगर (सियरहां) गांव में सोमवार-मंगलवार की रात अज्ञात चोरों ने एक मकान को निशाना बनाते हुए करीब 15 से 16 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात और सवा लाख रुपये की नकदी चोरी कर ली। वारदात के समय परिवार के सदस्य घर के अंदर सो रहे थे। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव निवासी विजय राय का परिवार सोमवार रात भोजन के बाद सो गया था। देर रात चोर छत के रास्ते सीढ़ी से घर में दाखिल हुए और दो-तीन कमरों में रखे बक्सों की कुंडी उखाड़कर उनमें रखे सोने-चांदी के जेवरात तथा करीब सवा लाख रुपये नकद लेकर फरार हो गए। चोरी गए सामान की अनुमानित कीमत 15 से 16 लाख रुपये बताई गई है। मंगलवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे विजय राय की नींद खुली तो घर के दरवाजे खुले और सामान बिखरा मिला। शोर मचाने पर परिवार के अन्य सदस्य और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलने पर डा...

बीज वाला बाजरा खाने से एक ही परिवार के पांच लोग बीमार, दो की हालत गंभीर

कीटनाशक मिले बीज का आटा बनाकर खाया

चिकित्सकों ने फूड प्वाइजनिंग की जताई आशंका

आजमगढ़। ठेकमा क्षेत्र के कृतमलपुर गांव में बीज के लिए लाए गए बाजरा का आटा बनाकर खाने से एक ही परिवार के पांच लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सभी को बेहोशी की हालत में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ठेकमा पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने दो लोगों की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जबकि तीन अन्य का निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। 


कृतमलपुर निवासी जयराम यादव (70), उनकी पत्नी बेला देवी (65), सुमित्रा देवी (65), सुमन यादव (35) और शिवांगी यादव (20) सोमवार सुबह ठेकमा समिति से बीज के लिए उपलब्ध कराया गया बाजरा घर लाए थे। परिवार के लोगों ने उसका आटा पिसवाकर सुबह करीब 8 से 9 बजे भोजन तैयार कर खा लिया। दोपहर लगभग एक बजे सभी की तबीयत बिगड़ने लगी और वे बेहोश हो गए। घटना की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। परिजन और ग्रामीण सभी को तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ठेकमा ले गए। वहां चिकित्सकों ने जयराम यादव और बेला देवी की गंभीर हालत को देखते हुए बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल, आजमगढ़ रेफर कर दिया। वहीं सुमित्रा देवी, सुमन यादव और शिवांगी यादव का उपचार ठेकमा के एक निजी अस्पताल में जारी है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ठेकमा के अधीक्षक डॉ. वीरेंद्र कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया बीज के रूप में उपलब्ध कराए गए बाजरा पर लगे कीटनाशक एवं फफूंदनाशक रसायनों के कारण खाद्य विषाक्तता (फूड प्वाइजनिंग) की आशंका है। उन्होंने कहा कि यदि अधिक मात्रा में इसका सेवन किया जाता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। डॉ. वीरेंद्र कुमार ने किसानों से अपील की कि समिति से मिलने वाले बीज का उपयोग केवल बुवाई के लिए करें। बीजों को किसी भी स्थिति में खाने के लिए इस्तेमाल न करें, क्योंकि उन पर कीटनाशक और फफूंदनाशक रसायनों का उपचार किया जाता है, जो मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक हो सकते हैं।

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