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खास खबर

मंदिर से चांदी का मुकुट और सोने की नथिया चोरी

चाबी लेकर पहुंची महिला, कमरा खोलकर अंदर गई, सीसीटीवी में कैद हुई पूरी घटना सरायमीर। नई बाजार स्थित छोटी अयोध्या श्री ठाकुरद्वारा श्रीरामजानकी मंदिर में शनिवार दोपहर चांदी का मुकुट और सोने की नथिया चोरी हो गई। चोरी की पूरी घटना मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। फुटेज में एक महिला चाबी लेकर मंदिर परिसर में पहुंचती दिखाई दे रही है। इसके बाद वह चाबी के माध्यम से मंदिर का कमरा खोलकर अंदर जाती नजर आ रही है। मंदिर समिति के अनुसार, शनिवार को दोपहर करीब 2:38 से 2:45 बजे के बीच महिला ने श्री हनुमान जी का चांदी का मुकुट और श्री दुर्गा माता की सोने की नथिया चोरी कर ली। इसके बाद वह वहां से फरार हो गई। घटना की जानकारी होने पर मंदिर समिति के लोगों ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली। फुटेज में महिला का चेहरा स्पष्ट दिखाई दे रहा है। साथ ही उसके पास चाबी भी नजर आ रही है, जिससे उसने मंदिर का कमरा खोला। इससे घटना को लेकर कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं कि महिला के पास कमरे की चाबी कैसे पहुंची। मंदिर समिति की ओर से घटना की लिखित सूचना सरायमीर कोतवाली पुलिस को दी गई। समिति ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्...

शव दफनाने को लेकर विवाद, राजस्व अभिलेखों की जांच के बाद होगा फैसला

ईदगाह कमेटी ने भूमि को वक्फ की संपत्ति बताते हुए जताई आपत्ति

आजमगढ़। मुबारकपुर के अलीनगर मोहल्ले में 86 वर्षीय मोहम्मद शमीम के शव को दफनाने के दौरान जमीन के स्वामित्व को लेकर विवाद खड़ा हो गया। ईदगाह कमेटी ने भूमि को वक्फ की संपत्ति बताते हुए आपत्ति जताई, जबकि परिजनों ने इसे पुश्तैनी कब्रिस्तान होने का दावा किया। सूचना पर पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। प्रशासन ने राजस्व अभिलेखों की जांच शुरू कर दी है और स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने व प्रशासनिक निर्णय के बाद ही दफनाने को लेकर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, अलीनगर निवासी मोहम्मद शमीम का मंगलवार सुबह निधन हो गया। जनाजे की नमाज के बाद परिजन उन्हें घर के समीप स्थित स्थान पर दफनाने पहुंचे। इसी दौरान पश्चिम दिशा में स्थित ईदगाह कमेटी के सदस्यों ने दफनाने पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि संबंधित भूमि कब्रिस्तान नहीं, बल्कि वक्फ की ईदगाह की संपत्ति है, इसलिए वहां दफनाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। वहीं मृतक के पुत्र मोहम्मद शोएब समेत अन्य परिजनों ने ईदगाह कमेटी के दावे का विरोध करते हुए कहा कि उक्त स्थान उनके परिवार का पुश्तैनी कब्रिस्तान है। उनका कहना है कि वर्षों से परिवार के सदस्यों को इसी स्थान पर दफनाया जाता रहा है। उन्होंने वर्ष 2016 में अपनी दादी को भी इसी स्थान पर दफनाए जाने का हवाला दिया। विवाद की सूचना मिलते ही मुबारकपुर थाना प्रभारी शशिचंद्र चौधरी, इंस्पेक्टर कमला सिंह यादव समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया और एहतियातन मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए नायब तहसीलदार वीरेंद्र कुमार, लेखपाल और कानूनगो भी मौके पर पहुंचे। राजस्व टीम ने स्थल का निरीक्षण कर अभिलेखों की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में भूमि इल्ले इलाही वक्फ के नाम दर्ज होने की बात सामने आई है। हालांकि परिजन इसे अपना पुश्तैनी कब्रिस्तान बता रहे हैं।
नायब तहसीलदार वीरेंद्र कुमार ने बताया कि राजस्व अभिलेखों की विस्तृत जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने तक न तो दफनाने की अनुमति दी जाएगी और न ही उस पर कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल मौके पर पुलिस बल तैनात है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

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