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खास खबर

छत के रास्ते घर में घुसे चोर, 16 लाख के जेवर व सवा लाख नकदी ले उड़े

बिलरियागंज के श्रीनगर (सियरहां) गांव में वारदात परिवार सोता रहा, दूसरे घर में भी चोरी की कोशिश नाकाम आजमगढ़। बिलरियागंज थाना क्षेत्र के श्रीनगर (सियरहां) गांव में सोमवार-मंगलवार की रात अज्ञात चोरों ने एक मकान को निशाना बनाते हुए करीब 15 से 16 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात और सवा लाख रुपये की नकदी चोरी कर ली। वारदात के समय परिवार के सदस्य घर के अंदर सो रहे थे। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव निवासी विजय राय का परिवार सोमवार रात भोजन के बाद सो गया था। देर रात चोर छत के रास्ते सीढ़ी से घर में दाखिल हुए और दो-तीन कमरों में रखे बक्सों की कुंडी उखाड़कर उनमें रखे सोने-चांदी के जेवरात तथा करीब सवा लाख रुपये नकद लेकर फरार हो गए। चोरी गए सामान की अनुमानित कीमत 15 से 16 लाख रुपये बताई गई है। मंगलवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे विजय राय की नींद खुली तो घर के दरवाजे खुले और सामान बिखरा मिला। शोर मचाने पर परिवार के अन्य सदस्य और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलने पर डा...

नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन, पुलिस कार्रवाई पर सपा ने जताया विरोध

छात्र-युवाओं पर पुलिस कार्रवाई का आरोप, सपा जिलाध्यक्ष ने की निंदा
शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ अभद्रता और दमन का आरोप 

आजमगढ़। नीट पेपर लीक मामले को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित अंबेडकर पार्क में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के लिए जुट रहे छात्र-छात्राओं और युवाओं के साथ पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई का आरोप लगाते हुए समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने इसकी कड़ी निंदा की है।
 जिलाध्यक्ष ने जारी बयान में कहा कि छात्र-छात्राएं और नौजवान शांतिपूर्ण एवं अहिंसक ढंग से विरोध प्रदर्शन करने के लिए अंबेडकर पार्क में एकत्र हो रहे थे। उनके हाथों में संविधान की प्रतियां और बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीरें थीं। आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को दौड़ा-दौड़ाकर मारा, अभद्र भाषा का प्रयोग किया तथा उनके हाथों से संविधान और बाबा साहब की तस्वीरें छीनकर फेंक दीं।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी दिल्ली के जंतर-मंतर से संसद तक प्रस्तावित विरोध मार्च को रोके जाने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे और उनके पास किसी प्रकार का हथियार नहीं था। घटना के बाद कई छात्र-युवा उनके आवास पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति जताई और इसे अवैधानिक बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। हवलदार यादव ने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने आ रहे युवाओं को भी विभिन्न स्थानों पर पुलिस ने रोक दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज किया गया, जिसका विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं ने विरोध किया है। उन्होंने कहा कि देश का युवा वर्ग बेरोजगारी, महंगाई, किसानों और मजदूरों की समस्याओं को लेकर आंदोलन कर रहा है तथा लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठा रहा है। उन्होंने पुलिस की कथित दमनात्मक कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए

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