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खास खबर

खाने की तलाश में ट्रेन से सफर करती हैं दो मैना

  सिडनी में रोजाना ट्रेन पर सवार होकर तय करती हैं दूरी, यात्रियों के बीच बनीं आकर्षण का केंद्र सिडनी। ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में दो मैना पक्षियों की अनोखी दिनचर्या इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। दोनों मैना को नियमित रूप से ट्रेन में बैठकर सफर करते देखा जा रहा है। यात्रियों के बीच इनका वीडियो वायरल होने के बाद इनके ट्रेन सफर की वजह भी सामने आई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, दोनों पक्षी घूमने के लिए नहीं, बल्कि खाने की तलाश में ट्रेन का इस्तेमाल करती हैं। बताया गया कि सिडनी की नॉर्थ शोर लाइन पर एक यात्री ने ट्रेन में सीट के पास दोनों मैना को आराम से बैठे देखा। यात्री को पहले लगा कि पक्षी गलती से ट्रेन में आ गए हैं। बाद में ट्रेन के एक गार्ड ने बताया कि दोनों पक्षी अक्सर ट्रेन में दिखाई देती हैं और लिंडफील्ड से आर्टार्मन के बीच नियमित रूप से आती-जाती हैं। माना जाता है कि वे रास्ते में मिलने वाले भोजन की तलाश में ट्रेन पर सवार होती हैं। इंसानी माहौल में ढलने में माहिर विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्य मैना बेहद बुद्धिमान और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने वाली पक्षी है। शहरी इलाको...

नीट छात्रा की मौत पर किसान संगठनों का प्रदर्शन, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

एनटीए को भंग करने तथा मृतका के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग  

आजमगढ़। आजमगढ़ में नीट अभ्यर्थी छात्रा की आत्महत्या के मामले को लेकर सोशलिस्ट किसान सभा और पूर्वांचल किसान यूनियन ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) पर सवाल उठाए हैं। दोनों संगठनों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, एनटीए को भंग करने तथा मृतक छात्रा के परिजनों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की है।

किसान नेता राजीव यादव और वीरेंद्र यादव ने बताया कि वे सिविल लाइन स्थित छात्रा के आवास पर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि छात्रा के मामा ने कहा कि परिवार इस घटना से गहरे सदमे में है और फिलहाल बातचीत की स्थिति में नहीं है। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि नीट परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं और व्यवस्था पर से छात्रों का विश्वास कमजोर हुआ है। उनका कहना था कि मृतक छात्रा पहले भी नीट परीक्षा में शामिल हुई थी और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर उत्पन्न परिस्थितियों ने छात्रों पर मानसिक दबाव बढ़ाया। उन्होंने इस घटना को शिक्षा व्यवस्था की विफलता बताते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और एनटीए को भंग करने की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्रा के पिता का पहले ही निधन हो चुका था और अब इस घटना से पूरा परिवार गहरे शोक में है। किसान संगठनों ने सरकार से मृतका के परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग भी की। किसान नेताओं ने यह भी कहा कि छात्रों के हितों और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था के लिए उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्रतिनिधिमंडल में अधिवक्ता विनोद यादव और अवधेश यादव भी शामिल रहे।

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