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ललही छठ माता की विधि-विधान से हुई पूजा

  ‘ललना जिए हजार बरिस...’ सोहर से गूंजे आंगन, पुत्र की सलामती को माताओं ने रखा ललही छठ का व्रत तिन्नी के चावल-पुड़ी का लगाया भोग, कुश की जुट्टी स्थापित कर की आराधना ; लोकगीतों में छलकी ममता आजमगढ़। ‘ललना जिए हजार बरिस, माई के एही अरमान...’ जैसे पारंपरिक सोहर और मंगलगीतों से रविवार को जिले के गांव से लेकर शहर तक के आंगन गूंज उठे। पुत्र की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और निरोगी जीवन की कामना को लेकर माताओं ने श्रद्धा और आस्था के साथ ललही छठ (हल षष्ठी) का व्रत रखा। दिनभर उपवास के बाद महिलाओं ने सामूहिक रूप से ललही छठ माता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और पुत्रों के मंगल की कामना की। नगर के अनंतपुरा, गुरूटोला, कोलघाट, लछिरामपुर, पुरानी कोतवाली समेत विभिन्न मोहल्लों में महिलाओं ने समूह बनाकर पूजा की। पूजा स्थल पर महिलाओं ने गोट बनाकर उसमें कुश की जुट्टी स्थापित की और पारंपरिक विधि से ललही छठ माता की आराधना की। तिन्नी के चावल और तिन्नी की पूड़ी का भोग लगाया गया। पूजन के बाद महिलाओं ने प्रसाद ग्रहण किया और एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं। पूजा के दौरान गूंजे पारंपरिक सोहर ने माहौल को भक्त...

RSS के कार्यक्रम में पहुंचे कुलपति का छात्रसभा ने किया विरोध



नारेबाजी के दौरान पुलिस से धक्का-मुक्की, कई छात्र हिरासत में लेकर कोतवाली पहुंची पुलिस

आजमगढ़। हरिऔध कला केंद्र में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. संजीव कुमार का समाजवादी छात्रसभा के कार्यकर्ताओं ने विरोध किया। कार्यक्रम स्थल के बाहर छात्रसभा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने कई छात्रों को हिरासत में लेकर कोतवाली पहुंचाया।

आरएसएस की ओर से हरिऔध कला केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में कुलपति डॉ. संजीव कुमार को मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया था। कुलपति के कार्यक्रम में पहुंचने की जानकारी मिलने पर समाजवादी छात्रसभा के कार्यकर्ता भी वहां पहुंच गए और उनके कार्यक्रम में शामिल होने पर आपत्ति जताते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

पुलिस ने संभाली स्थिति

प्रदर्शनकारियों को कार्यक्रम स्थल से दूर रखने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था संभाली। छात्रों ने कुलपति के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस ने उन्हें मौके से हटाने का प्रयास किया तो दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की होने लगी। इसके बाद पुलिस ने कई प्रदर्शनकारी छात्रों को हिरासत में ले लिया।

वैचारिक संगठन के कार्यक्रम में शामिल होने पर आपत्ति

विरोध कर रहे छात्रसभा कार्यकर्ताओं का कहना था कि विश्वविद्यालय के कुलपति को किसी राजनीतिक अथवा वैचारिक संगठन के कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होने से बचना चाहिए। इसी को लेकर उन्होंने कुलपति के आरएसएस कार्यक्रम में शामिल होने पर आपत्ति जताई।

छात्रों को हिरासत में लेकर कोतवाली पहुंचाने के बाद हरिऔध कला केंद्र में पुलिस की मौजूदगी में कार्यक्रम जारी रहा। घटना के बाद काफी देर तक कार्यक्रम स्थल के आसपास गहमागहमी का माहौल बना रहा।

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