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ललही छठ माता की विधि-विधान से हुई पूजा

  ‘ललना जिए हजार बरिस...’ सोहर से गूंजे आंगन, पुत्र की सलामती को माताओं ने रखा ललही छठ का व्रत तिन्नी के चावल-पुड़ी का लगाया भोग, कुश की जुट्टी स्थापित कर की आराधना ; लोकगीतों में छलकी ममता आजमगढ़। ‘ललना जिए हजार बरिस, माई के एही अरमान...’ जैसे पारंपरिक सोहर और मंगलगीतों से रविवार को जिले के गांव से लेकर शहर तक के आंगन गूंज उठे। पुत्र की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और निरोगी जीवन की कामना को लेकर माताओं ने श्रद्धा और आस्था के साथ ललही छठ (हल षष्ठी) का व्रत रखा। दिनभर उपवास के बाद महिलाओं ने सामूहिक रूप से ललही छठ माता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और पुत्रों के मंगल की कामना की। नगर के अनंतपुरा, गुरूटोला, कोलघाट, लछिरामपुर, पुरानी कोतवाली समेत विभिन्न मोहल्लों में महिलाओं ने समूह बनाकर पूजा की। पूजा स्थल पर महिलाओं ने गोट बनाकर उसमें कुश की जुट्टी स्थापित की और पारंपरिक विधि से ललही छठ माता की आराधना की। तिन्नी के चावल और तिन्नी की पूड़ी का भोग लगाया गया। पूजन के बाद महिलाओं ने प्रसाद ग्रहण किया और एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं। पूजा के दौरान गूंजे पारंपरिक सोहर ने माहौल को भक्त...

भैंस चराने निकले बुजुर्ग की नहर में डूबने से मौत

दूसरे दिन पुलिया के नीचे मिला शव

पैर फिसलने से नहर में गिरने की आशंका
पवई थाना क्षेत्र के पूरानरसिंह गांव निवासी रामजोखन की नहर में डूबने से मौत हो गई। मंगलवार सुबह उनका शव पचरूखवां पुलिया के नीचे नहर में तैरता मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
परिजनों के अनुसार रामजोखन सोमवार सुबह करीब सात बजे घर से 800 मीटर दूर मैगना रोड के पास नहर किनारे भैंस चराने गए थे। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर पुत्र संतोष कुमार और परिजनों ने तलाश शुरू की। नहर के पास भैंस मिल गई, लेकिन रामजोखन का पता नहीं चला। ग्रामीणों के साथ आसपास के खेतों और नहर में भी खोजबीन की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। मंगलवार सुबह करीब आठ बजे पचरूखवां पुलिया के नीचे नहर में रामजोखन का शव मिला। परिजनों ने पैर फिसलने से नहर में गिरकर डूबने की आशंका जताई है। थानाध्यक्ष मनीष पाल ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

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