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ललही छठ माता की विधि-विधान से हुई पूजा

  ‘ललना जिए हजार बरिस...’ सोहर से गूंजे आंगन, पुत्र की सलामती को माताओं ने रखा ललही छठ का व्रत तिन्नी के चावल-पुड़ी का लगाया भोग, कुश की जुट्टी स्थापित कर की आराधना ; लोकगीतों में छलकी ममता आजमगढ़। ‘ललना जिए हजार बरिस, माई के एही अरमान...’ जैसे पारंपरिक सोहर और मंगलगीतों से रविवार को जिले के गांव से लेकर शहर तक के आंगन गूंज उठे। पुत्र की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और निरोगी जीवन की कामना को लेकर माताओं ने श्रद्धा और आस्था के साथ ललही छठ (हल षष्ठी) का व्रत रखा। दिनभर उपवास के बाद महिलाओं ने सामूहिक रूप से ललही छठ माता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और पुत्रों के मंगल की कामना की। नगर के अनंतपुरा, गुरूटोला, कोलघाट, लछिरामपुर, पुरानी कोतवाली समेत विभिन्न मोहल्लों में महिलाओं ने समूह बनाकर पूजा की। पूजा स्थल पर महिलाओं ने गोट बनाकर उसमें कुश की जुट्टी स्थापित की और पारंपरिक विधि से ललही छठ माता की आराधना की। तिन्नी के चावल और तिन्नी की पूड़ी का भोग लगाया गया। पूजन के बाद महिलाओं ने प्रसाद ग्रहण किया और एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं। पूजा के दौरान गूंजे पारंपरिक सोहर ने माहौल को भक्त...

गहने नहीं मिले, 4.05 लाख रुपये भी लौटाने में टालमटोल

50 हजार वापस कर 3.55 लाख देने का किया था वादा

तय तारीख बीती तो महिला ने दर्ज कराया मुकदमा
आजमगढ़। सोने-चांदी के गहने खरीदने के लिए दिए गए 4.05 लाख रुपये के बाद न तो गहने मिले और न ही पूरी रकम वापस हुई। रुपये मांगने पर टालमटोल किए जाने से परेशान महिला ने पुलिस से शिकायत की। तहरीर के आधार पर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कोतवाली क्षेत्र के गढ़वल गांव निवासी कौशल्या देवी पत्नी सत्यदेव यादव ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि आठ जून 2026 को सोने-चांदी के गहने खरीदने के लिए उन्होंने 4.05 लाख रुपये दिए थे। इसमें 75 हजार रुपये यूपीआई और 3.30 लाख रुपये चेक के माध्यम से भुगतान किए गए थे।महिला का आरोप है कि रकम लेने के बाद भी उसे गहने नहीं दिए गए। रुपये वापस मांगने पर बाद में भुगतान करने की बात कहकर टालमटोल की जाती रही। शिकायत के बाद 29 जुलाई को 50 हजार रुपये वापस किए गए और शेष 3.55 लाख रुपये 10 अगस्त को लौटाने का भरोसा दिया गया। तय तारीख बीतने के बाद भी रकम वापस नहीं की गई। लगातार चक्कर लगाने के बाद भी रकम न मिलने पर कौशल्या देवी ने पुलिस से कार्रवाई कर रुपये वापस दिलाने की गुहार लगाई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर एक सितंबर को मुकदमा दर्ज कर लिया। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक प्रियंका तिवारी को सौंपी गई है।

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