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खास खबर

योजनाओं का झांसा देकर महिलाओं से ठगी, मुठभेड़ में आरोपी गिरफ्तार

बहन के साथ मिलकर वारदात करने का आरोप, नौ मुकदमे दर्ज आजमगढ़ । सरकारी योजनाओं और आवास का लाभ दिलाने का झांसा देकर महिलाओं से आभूषण व नकदी ठगने के आरोपी साहब राम (43) को कप्तानगंज पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, पासीपुर नहर पुलिया के पास घेराबंदी के दौरान आरोपी ने फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लगी। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मेहनाजपुर थाना क्षेत्र के बेला कलेशपुर उर्फ किशुनपुर निवासी साहब राम के कब्जे से पुलिस ने तमंचा, कारतूस, कथित तौर पर ठगी के आभूषण, 1,350 रुपये, मोबाइल और मोटरसाइकिल बरामद करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, एक अक्टूबर को कप्तानगंज और पांच अक्टूबर को कौड़िया बाजार में महिलाओं को योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर ठगी की गई थी। दोनों मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी की बहन नीरज उर्फ गुड्डी को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में साहब राम ने बहन के साथ मिलकर महिलाओं को रिश्तेदार बताकर विश्वास में लेने और आभूषण ठगने की बात स्वीकार की है। उसने कुछ आभूषण एक फेरीवाले ...

ग्रामीण खिलाड़ियों को संसाधन नहीं, दर-दर भटकने को मजबूर : अमरजीत

बोले- गांवों में खेल मैदान और सुविधाएं उपलब्ध हों तो देश को मिल सकती हैं नई खेल प्रतिभाएं

आजमगढ़। ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन सुविधाओं और संसाधनों के अभाव में प्रतिभावान खिलाड़ी आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। उन्हें अभ्यास के लिए मैदान से लेकर जरूरी खेल उपकरण तक के लिए भटकना पड़ता है। भगत सिंह खेल अकादमी निजामाबाद के संस्थापक एवं राष्ट्रीय पहलवान अमरजीत यादव ने कहा कि देश की बड़ी आबादी गांवों में निवास करती है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा के साथ खेल सुविधाओं का भी भारी अभाव है।

उन्होंने कहा कि देश के लिए खेल के क्षेत्र में सबसे बड़ा समर्पण और त्याग करने वालों में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद का नाम सबसे ऊपर है। सामान्य परिवार में जन्म लेकर गुलामी के दौर में भी अपनी प्रतिभा के दम पर उन्होंने देश का गौरव बढ़ाया। इसके बावजूद उन्हें वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे। उनके जन्मदिन को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है, लेकिन आज तक उन्हें भारत रत्न नहीं मिलना खिलाड़ियों के लिए चिंता का विषय है।
अमरजीत यादव ने कहा कि मेजर ध्यानचंद के सपनों का भारत तभी साकार होगा, जब ग्रामीण क्षेत्रों के बालक और बालिकाओं को कुश्ती, कबड्डी, एथलेटिक्स, हॉकी, वॉलीबाल समेत अन्य खेलों के लिए गांव स्तर पर बेहतर मैदान, प्रशिक्षक और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। खिलाड़ियों को जिला, मंडल, राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए सरकार को ठोस योजना बनानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि ओलंपिक, एशियन और राष्ट्रमंडल खेलों से लौटने के बाद खिलाड़ियों और खेलों के लिए होने वाली घोषणाओं के साथ यदि ग्रामीण अंचलों में खेल सुविधाओं पर भी पर्याप्त धन खर्च किया जाए तो देश में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। कमी सिर्फ प्रतिभा को पहचानने और उसे निखारने की है।

उन्होंने बताया कि भगत सिंह खेल अकादमी के सदस्यों ने आजमगढ़ के प्रत्येक ब्लॉक में खेल-खिलाड़ी संकल्प जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसके माध्यम से बालकों के साथ बालिकाओं को भी खेलों में समान अवसर दिलाने का प्रयास किया जाएगा। अमरजीत यादव ने कहा कि खेलों से युवाओं में अनुशासन, नैतिकता, देशभक्ति और स्वाभिमान का विकास होता है। उन्होंने कहा कि मेजर ध्यानचंद को भारत रत्न दिए जाने की मांग को लेकर खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों को एकजुट होना चाहिए। साथ ही हर गांव में खेल मैदान और जरूरी खेल संसाधन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए

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