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अकीदत के रंग में रंगा मजभीटा, गूंजा ईद मिलादुन्नबी का पैगाम

नातख्वानी और तकरीर से देर रात तक सजी महफिल, 12 अंजुमनों ने लिया हिस्सा इंसानियत, मोहब्बत, भाईचारे और एकता का संदेश लेकर आगे बढ़ने का आह्वान आजमगढ़। ईद मिलादुन्नबी के मौके पर बुधवार देर रात मजभीटा गांव में जश्ने ईद मिलादुन्नबी की महफिल सजी। अंजुमन इत्तेहादुल मुस्लिमीन की कयादत में आयोजित कार्यक्रम की सदारत मौलाना अलाउद्दीन साहब ने की। कुरआन की तिलावत से शुरू हुई महफिल देर रात तक नातख्वानी और तकरीर से गुलजार रही। कार्यक्रम की शुरुआत हाफिज सैयद अबूबकर ने कुरआन की तिलावत से की। इसके बाद हसन रजा फैजी (झारखंड), शायर रजा भागलपुरी और शान अली ज्ञानवी ने नातख्वानी पेश की। नातों की गूंज से कार्यक्रम स्थल का माहौल अकीदत और रूहानियत से भर गया। बिहार से आए मौलाना अख्तर फायकुल जमाली ने तकरीर में पैगंबर-ए-इस्लाम की आमद और उनके संदेश पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम ने पूरी दुनिया को इंसानियत, मोहब्बत, भाईचारे, एकता और न्याय का संदेश दिया। आज जरूरत है कि उनके बताए रास्ते पर चलते हुए इंसानियत और सामाजिक सौहार्द को मजबूत किया जाए। कार्यक्रम में 12 अंजुमनों ने हिस्सा लिया। इनमें अंजुमन गुलश...

इंस्टाग्राम की ढाई महीने की दोस्ती पहुंची थाने, पंचायत के बाद मंदिर में हुई शादी

तीन साल के भीतर बारात लेकर सामाजिक रीति-रिवाज से विवाह करने पर बनी सहमति

आजमगढ़। इंस्टाग्राम पर हुई ढाई महीने की दोस्ती और प्रेम का मामला मंगलवार को अहरौला थाने पहुंच गया। युवती अपने इंस्टाग्राम प्रेमी से शादी करना चाहती थी, जबकि युवक शादी से इनकार कर रहा था। दोनों पक्षों को थाने बुलाकर कराई गई पंचायत और काउंसलिंग के बाद युवक-युवती शादी के लिए राजी हो गए। इसके बाद दोनों की शादी अहरौला ब्लॉक के पास स्थित बाबा पालदास मंदिर में करा दी गई।

अहरौला थाना क्षेत्र के कोठवा जलालपुर गांव निवासी गरिमा (23) पुत्री हरिकेश की करीब ढाई महीने पहले अरूषा गांव निवासी सूरज (25) पुत्र त्रिवेणी से इंस्टाग्राम के माध्यम से दोस्ती हुई थी। बातचीत बढ़ने के साथ दोनों में प्रेम संबंध हो गया। इसकी जानकारी होने पर युवती के परिजनों ने अहरौला थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। मामले की जानकारी होने पर पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलाया। घंटों चली पंचायत और काउंसलिंग के बाद दोनों पक्ष शादी के लिए सहमत हो गए। इसके बाद दोनों की मंदिर में शादी करा दी गई। युवती और उसके पिता के अनुसार थाने में हुए समझौते के तहत कोर्ट मैरिज होने तक युवती अपने पति के साथ रहेगी। कोर्ट मैरिज के बाद वह मायके आ जाएगी। साथ ही युवक पक्ष ने तीन वर्ष के भीतर बारात लेकर सामाजिक रीति-रिवाज के साथ विधिवत विवाह करने का वादा किया है। युवक के पिता त्रिवेणी ने भी समझौते की पुष्टि करते हुए कहा कि कोर्ट मैरिज के बाद तीन वर्ष के भीतर सामाजिक रीति-रिवाज से विवाह कराने पर सहमति बनी है। मंदिर में शादी के बाद युवती अपने पति के साथ अरूषा स्थित ससुराल चली गई। थानाध्यक्ष मंतोष कुमार सिंह ने बताया कि युवती पक्ष की शिकायत मिली थी। दोनों पक्षों को थाने बुलाकर काउंसलिंग कराई गई। इसके बाद दोनों शादी के लिए राजी हो गए और मंदिर में विवाह संपन्न हो गया।

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