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खास खबर

तमंचे से हर्ष फायरिंग का वीडियो वायरल, पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज की

सिधारी क्षेत्र का मामला, पहचान होने के बाद गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित आजमगढ़। जिले में अवैध हथियारों और हर्ष फायरिंग के खिलाफ पुलिस की लगातार कार्रवाई के बावजूद ऐसे मामलों पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पा रहा है। सोशल मीडिया पर एक बार फिर तमंचे से हर्ष फायरिंग का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आ गई है। वीडियो सिधारी थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है, जिसमें एक युवक खुलेआम फायरिंग करता नजर आ रहा है। वायरल वीडियो में युवक बिना किसी भय के तमंचे से हवाई फायरिंग करता दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में इसकी चर्चा तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि लगातार पुलिस अभियान के बावजूद इस तरह की घटनाएं कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं। जानकारी के अनुसार, वीडियो में दिखाई दे रहे युवक की पहचान सिधारी थाना क्षेत्र के तिवारीपुर निवासी अभिनव के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि उसके खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। ऐसे में खुलेआम हथियार का प्रदर्शन और हर्ष फायरिंग का वीडियो सामने आने से पुलिस की कार्रवाई की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठ रहे हैं। वीडियो वायरल ह...

जीते जी बंटे रिश्ते, मौत के बाद भी अंतिम विदाई को तरसा पिता

संपत्ति विवाद में बेटों पर मुखाग्नि से इनकार का आरोप

पुलिस हस्तक्षेप पर आज होगा अंतिम संस्कार

आजमगढ़। कप्तानगंज थाना क्षेत्र के बनकट जगदीश गांव में संपत्ति विवाद के चलते रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत के बाद उनके दोनों बेटों पर अंतिम संस्कार और मुखाग्नि देने से इनकार करने का आरोप है। इसके चलते मृतक का शव करीब 24 घंटे तक घर पर ही अंतिम संस्कार का इंतजार करता रहा। घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
गांव के पूर्व प्रधान के पुत्र हरिराम यादव (60) का गुरुवार दोपहर हृदयाघात से निधन हो गया। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, हरिराम यादव ने अपनी पैतृक संपत्ति की वसीयत अपनी दोनों बेटियों के नाम कर दी थी। इसी बात को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था और दोनों बेटे इससे नाराज बताए जा रहे थे। आरोप है कि पिता की मृत्यु के बाद दोनों बेटों ने उनका अंतिम संस्कार करने और मुखाग्नि देने से इनकार कर दिया। इस वजह से शव लगभग 24 घंटे तक घर पर ही रखा रहा। घटना की जानकारी मिलते ही गांव के संभ्रांत लोगों और रिश्तेदारों ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने का प्रयास किया, लेकिन कई घंटों की बातचीत के बावजूद सहमति नहीं बन सकी। इस घटना ने संपत्ति विवाद के कारण पारिवारिक रिश्तों में बढ़ती दूरियों और संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव और आसपास के क्षेत्रों में लोग इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। हालांकि, बेटों के इनकार के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले की जानकारी मिलने पर सीओ बुढ़नपुर विजय सिंह के संज्ञान में प्रकरण आया, जिसके बाद पुलिस सक्रिय हुई। पुलिस के हस्तक्षेप और स्थानीय लोगों की पहल के बाद शनिवार को हरिराम यादव के अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि स्थिति सामान्य है और अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण ढंग से कराया जा रहा है।

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