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खास खबर

ट्रॉली बैग खुला तो मचा हड़कंप, 23 किलो गांजा बरामद

दो महिलाओं समेत तीन गिरफ्तार, दो बैगों में टेप से पैक मिले 23 बंडल आजमगढ़। बिलरियागंज पुलिस ने चेकिंग के दौरान दो ट्रॉली बैग में ले जाई जा रही गांजे की बड़ी खेप बरामद की। पुलिस ने मौके से दो महिलाओं समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। दोनों बैगों से प्लास्टिक टेप में पैक 23 बंडल गांजा बरामद हुआ। इलेक्ट्रॉनिक तराजू से तौलने पर कुल वजन 23.411 किलोग्राम निकला। पुलिस के अनुसार, 17 सितंबर को उपनिरीक्षक हरिकेश राय पुलिस टीम के साथ जैगहा बाजार में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि हारीपुर मोड़ की ओर से दो महिलाएं और एक व्यक्ति दो ट्रॉली बैग लेकर पैदल गुलवा गौरी पुलिया नहर की तरफ जा रहे हैं। सूचना पर महिला पुलिसकर्मियों को भी बुलाया गया। पुलिस टीम ने मस्जिद की आड़ में घेराबंदी कर तीनों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों की पहचान राजाबाबू सिंह निवासी बलिहार, थाना सिमरी, जिला बक्सर (बिहार), नेहा पासवान निवासी फतेहपुर, थाना दिलदारनगर, जिला गाजीपुर और पूनम देवी निवासी सोनी इंतवा, थाना राजपुर, जिला बक्सर (बिहार) के रूप में हुई। एक बैग में 12 तो दू...

जीते जी बंटे रिश्ते, मौत के बाद भी अंतिम विदाई को तरसा पिता

संपत्ति विवाद में बेटों पर मुखाग्नि से इनकार का आरोप

पुलिस हस्तक्षेप पर आज होगा अंतिम संस्कार

आजमगढ़। कप्तानगंज थाना क्षेत्र के बनकट जगदीश गांव में संपत्ति विवाद के चलते रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत के बाद उनके दोनों बेटों पर अंतिम संस्कार और मुखाग्नि देने से इनकार करने का आरोप है। इसके चलते मृतक का शव करीब 24 घंटे तक घर पर ही अंतिम संस्कार का इंतजार करता रहा। घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
गांव के पूर्व प्रधान के पुत्र हरिराम यादव (60) का गुरुवार दोपहर हृदयाघात से निधन हो गया। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, हरिराम यादव ने अपनी पैतृक संपत्ति की वसीयत अपनी दोनों बेटियों के नाम कर दी थी। इसी बात को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था और दोनों बेटे इससे नाराज बताए जा रहे थे। आरोप है कि पिता की मृत्यु के बाद दोनों बेटों ने उनका अंतिम संस्कार करने और मुखाग्नि देने से इनकार कर दिया। इस वजह से शव लगभग 24 घंटे तक घर पर ही रखा रहा। घटना की जानकारी मिलते ही गांव के संभ्रांत लोगों और रिश्तेदारों ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने का प्रयास किया, लेकिन कई घंटों की बातचीत के बावजूद सहमति नहीं बन सकी। इस घटना ने संपत्ति विवाद के कारण पारिवारिक रिश्तों में बढ़ती दूरियों और संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव और आसपास के क्षेत्रों में लोग इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। हालांकि, बेटों के इनकार के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले की जानकारी मिलने पर सीओ बुढ़नपुर विजय सिंह के संज्ञान में प्रकरण आया, जिसके बाद पुलिस सक्रिय हुई। पुलिस के हस्तक्षेप और स्थानीय लोगों की पहल के बाद शनिवार को हरिराम यादव के अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि स्थिति सामान्य है और अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण ढंग से कराया जा रहा है।

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