सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

खास खबर

ललही छठ माता की विधि-विधान से हुई पूजा

  ‘ललना जिए हजार बरिस...’ सोहर से गूंजे आंगन, पुत्र की सलामती को माताओं ने रखा ललही छठ का व्रत तिन्नी के चावल-पुड़ी का लगाया भोग, कुश की जुट्टी स्थापित कर की आराधना ; लोकगीतों में छलकी ममता आजमगढ़। ‘ललना जिए हजार बरिस, माई के एही अरमान...’ जैसे पारंपरिक सोहर और मंगलगीतों से रविवार को जिले के गांव से लेकर शहर तक के आंगन गूंज उठे। पुत्र की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और निरोगी जीवन की कामना को लेकर माताओं ने श्रद्धा और आस्था के साथ ललही छठ (हल षष्ठी) का व्रत रखा। दिनभर उपवास के बाद महिलाओं ने सामूहिक रूप से ललही छठ माता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और पुत्रों के मंगल की कामना की। नगर के अनंतपुरा, गुरूटोला, कोलघाट, लछिरामपुर, पुरानी कोतवाली समेत विभिन्न मोहल्लों में महिलाओं ने समूह बनाकर पूजा की। पूजा स्थल पर महिलाओं ने गोट बनाकर उसमें कुश की जुट्टी स्थापित की और पारंपरिक विधि से ललही छठ माता की आराधना की। तिन्नी के चावल और तिन्नी की पूड़ी का भोग लगाया गया। पूजन के बाद महिलाओं ने प्रसाद ग्रहण किया और एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं। पूजा के दौरान गूंजे पारंपरिक सोहर ने माहौल को भक्त...

बारिश में बिजली से रहें सतर्क, छोटी-सी लापरवाही बन सकती है जानलेवा: जेई आतिश कुमार यादव


बरसात में विद्युत पोल, ट्रांसफार्मर और टूटे तारों से दूरी बनाए रखने की अपील

गीले हाथों से बिजली के उपकरण न छूने की दी सलाह

ठेकमा। बरसात के मौसम में बिजली से होने वाली दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए बरदह विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता आतिश कुमार यादव ने उपभोक्ताओं से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान विद्युत पोल, ट्रांसफार्मर, स्टे वायर, जंक्शन बॉक्स और डीपी बॉक्स के संपर्क में आने से बचें, क्योंकि इनमें करंट उतरने की संभावना रहती है। जेई ने बताया कि यदि कहीं बिजली का तार टूटा हुआ दिखाई दे तो उससे कम से कम 10 से 15 मीटर की दूरी बनाए रखें और तत्काल विद्युत विभाग को सूचना दें। गीले हाथों से किसी भी विद्युत स्विच, प्लग, बोर्ड या उपकरण को न छुएं। उन्होंने घरों में सुरक्षित विद्युत व्यवस्था के लिए अर्थिंग और ईएलसीबी/आरसीसीबी (ELCB/RCCB) लगवाने की सलाह दी, जिससे करंट लगने का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। उन्होंने कहा कि यदि बारिश के दौरान घर में पानी भर जाए तो तुरंत मुख्य बिजली सप्लाई बंद कर दें और स्थिति सामान्य होने तक किसी भी विद्युत उपकरण का उपयोग न करें। कटे-फटे या खुले तारों का इस्तेमाल न करें तथा क्षतिग्रस्त वायरिंग को तुरंत बदलवाएं। बच्चों को बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मरों और खुले विद्युत उपकरणों से दूर रखें तथा उन्हें विद्युत सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। आकाशीय बिजली कड़कने के समय पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि छत पर लगी पानी की टंकी, टीवी एंटीना, लोहे की सीढ़ी या अन्य धातु की वस्तुओं का उपयोग न करें। यदि किसी व्यक्ति को करंट लग जाए तो उसे सीधे हाथ से न छुएं, बल्कि पहले मुख्य बिजली सप्लाई बंद करें या सूखी लकड़ी अथवा प्लास्टिक की सहायता से उसे अलग करें। जेई आतिश कुमार यादव ने कहा कि यदि कहीं स्पार्किंग, बिजली का तार टूटना, खंभे में करंट या अन्य विद्युत खराबी दिखाई दे तो स्वयं उसे ठीक करने का प्रयास न करें, बल्कि तत्काल निकटतम विद्युत कार्यालय या हेल्पलाइन पर सूचना दें। उन्होंने कहा, "विद्युत सुरक्षा ही जीवन सुरक्षा है। थोड़ी-सी सावधानी आपके परिवार और आसपास के लोगों की जान बचा सकती है।" साथ ही उन्होंने सभी उपभोक्ताओं से बरसात के मौसम में विद्युत सुरक्षा नियमों का पालन करने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की।

सर्वाधिक पढ़ीं गईं