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खास खबर

बारिश बनी जानलेवा: लालगंज में दीवार ढहने से एक की मौत

अहरौला में बारजा गिरा चार घायल, पवई में कच्चे मकान की दीवार गिरी आजमगढ़। जिले में लगातार हो रही बारिश अब जानलेवा साबित होने लगी है। बृहस्पतिवार को अहरौला, लालगंज और पवई में बारिश के कारण तीन अलग-अलग हादसे हुए। इनमें लालगंज में कच्ची दीवार गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि अहरौला में मकान का बारजा गिरने से चार लोग घायल हो गए। पवई में कच्चे मकान की दीवार ढहने से बड़ा हादसा टल गया। अहरौला थाना क्षेत्र के पारा फुलवरिया बाजार में इकबाल पुत्र माजिज के दो मंजिला मकान का बारजा अचानक गिर पड़ा। नीचे संचालित जनरल स्टोर पर उस समय ग्राहक मौजूद थे। हादसे में एक ग्राहक और उसकी माता को हल्की चोटें आईं, जबकि इकबाल के साडू अकबर की पुत्रियां रेशमा समेत दो बच्चियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। स्थानीय लोगों ने मलबे में दबे घायलों को बाहर निकालकर निजी अस्पतालों में भर्ती कराया। बारजा गिरने से जनरल स्टोर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और दुकानदार को लगभग 50 हजार रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान है। उधर, लालगंज थाना क्षेत्र के बेरवा विशंभरपुर गांव में लगातार बारिश के कारण कच्ची दीवार भरभराकर गिर गई...

मेहनगर में श्रीमद्भागवत कथा

निष्कामता ही सबसे बड़ा धर्म है – पं. गणेश उपाध्याय

आजमगढ़। मेंहनगर क्षेत्र के महादेव पारा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। कथा के दौरान भक्तिभाव और आध्यात्मिक माहौल से पूरा क्षेत्र सराबोर है।

 रविवार की रात कथावाचक पं. गणेश उपाध्याय ने अपने प्रवचन में कहा कि निष्कामता प्राणीमात्र का सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने कहा कि निष्काम कर्म करने से मनुष्य को न केवल मोक्ष की प्राप्ति होती है, बल्कि जीवन में शांति और संतुलन भी बना रहता है। श्रीमद्भागवत कथा की महत्ता बताते हुए उन्होंने कहा कि अनंत जन्मों के पुण्य कर्मों के फलस्वरूप ही मनुष्य को भागवत कथा सुनने का अवसर मिलता है। भगवान की कथा कृपा से ही प्राप्त होती है। अपने संगीतमय और भावपूर्ण प्रवचन से उन्होंने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। आयोजक डॉ. पी एन मिश्र एवं डॉ. शरद मिश्र ने विधि-विधान से भागवत पूजन कराया। कार्यक्रम में कवि सुभाष चंद्र तिवारी ‘कुंदन’, साहित्यकार संजय कुमार पाण्डेय ‘सरस’, डॉ. ए के मिश्र, डॉ. ए  के राय, शिवम तिवारी, विशाल उपाध्याय, पंकज पांडेय, डॉ. बी एस सिंह मेंहनगर सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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