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तहबरपुर में अवैध क्लीनिक सील

गर्भवती महिला की मौत के बाद कार्रवाई

आजमगढ़। तहबरपुर विकासखंड के मंझारी मार्केट में अवैध रूप से संचालित एक निजी क्लिनिक पर स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। यह कार्रवाई एक गर्भवती महिला की उपचार के दौरान मौत के बाद की गई, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

  मंझारी मार्केट में रंजना प्रजापति द्वारा बिना वैध पंजीकरण और निर्धारित मानकों के एक निजी क्लिनिक/हॉस्पिटल का संचालन किया जा रहा था। आरोप है कि उक्त क्लिनिक में एक गर्भवती महिला का इलाज किया गया, जिसके बाद अत्यधिक रक्तस्राव के चलते उसकी हालत गंभीर हो गई। परिजन उसे आनन-फानन में शहर के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. उमाशरण पांडेय ने मामले का तत्काल संज्ञान लिया। उनके निर्देश पर डिप्टी सीएमओ एवं नोडल निजी चिकित्सा प्रतिष्ठान डॉ. आलेन्द कुमार को प्रभारी चिकित्साधिकारी तहबरपुर की टीम के साथ मौके पर जांच के लिए भेजा गया। जांच में क्लिनिक पूरी तरह अपंजीकृत पाया गया। वहां चिकित्सा संबंधी आवश्यक सुविधाओं और मानकों का गंभीर अभाव था। टीम ने यह भी पाया कि उपचार कार्य अप्रशिक्षित व्यक्तियों द्वारा किया जा रहा था, जो न केवल अवैध है बल्कि जनस्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा है। कार्रवाई के दौरान क्लिनिक संचालिका रंजना प्रजापति मौके से फरार मिलीं। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में स्वास्थ्य विभाग ने क्लिनिक को सील कर दिया और नोटिस चस्पा करते हुए संबंधित के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार के आदेश और मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा के निर्देश पर जनपद में अवैध अस्पतालों, क्लिनिकों और झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय ने आमजन से अपील की है कि इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को प्राथमिकता दें तथा केवल पंजीकृत और मान्यता प्राप्त निजी चिकित्सालयों में ही उपचार कराएं। साथ ही किसी भी अवैध चिकित्सा गतिविधि की सूचना तुरंत स्वास्थ्य विभाग को देने की अपील की गई है।

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