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खास खबर

खड़े ट्रक से टकराई बाइक, राजमिस्त्री की मौत

फूलपुर। कोतवाली क्षेत्र के खुटौली मार्ग पर बिरादर गांव के पास मंगलवार देर शाम सड़क किनारे खड़े ट्रक में तेज रफ्तार बाइक टकरा गई। हादसे में बाइक सवार राजमिस्त्री कन्हैया (40) गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फूलपुर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौन दुर्वासा गांव निवासी कन्हैया मंगलवार सुबह बाइक से लाहिड़ीह गांव के पास राजमिस्त्री का काम करने गए थे। शाम को काम समाप्त करने के बाद वह घर लौट रहे थे। करीब साढ़े सात बजे बिरादर गांव के पास उनकी बाइक सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई। हादसे में उनके चेहरे और आंख में गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी पहचान करने में भी काफी समय लगा। आसपास के लोगों ने उनकी पहचान कर पुलिस को सूचना दी। कन्हैया तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। कोतवाल देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मृतक की मां सीता देवी की तहरीर पर ट्रक चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले में अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।

चित्रकला कार्यशाला में बच्चों ने सीखी मानव व पुष्प चित्रण की बारीकियां

रंगों से रचनात्मकता और कलात्मक अभिव्यक्ति का किया प्रभावशाली प्रदर्शन

फूलपुर। तहसील के अंबारी ​​स्थित जनता इंटर कालेज अंबारी में राज्य ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश (संस्कृति विभाग) के तत्वावधान में संचालित ग्रीष्मकालीन चित्रकला कार्यशाला के अंतर्गत को विद्यार्थियों को जलरंग (वाटर कलर) के माध्यम से मानव चित्रण एवं पुष्प चित्रण का प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यशाला में छात्रों ने रंगों के माध्यम से अपनी रचनात्मकता और कलात्मक अभिव्यक्ति का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। प्रशिक्षक डॉ उगेश रवि ने विद्यार्थियों को जलरंग की पारदर्शिता, रंगों के प्रवाह, ब्रश नियंत्रण तथा प्रकाश और छाया के संतुलन की बारीकियां व्यावहारिक रूप से समझाईं। मानव चित्रण के दौरान चेहरे की बनावट, अनुपात, भावाभिव्यक्ति और रंग-संयोजन पर विशेष ध्यान दिया गया, जबकि पुष्प चित्रण में प्रकृति की कोमलता और रंगों की मधुरता को उकेरने की विधियां सिखाई गईं। कार्यशाला में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और तन्मयता के साथ अभ्यास किया। छात्रों द्वारा बनाए गए चित्रों में रंगों की सजीवता और भावों की अभिव्यक्ति आकर्षण का केंद्र रही। विद्यालय के प्रधानाचार्य हरेन्द्र प्रताप सिंह ने विद्यार्थियों की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर अभ्यास के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्यशालाएं विद्यार्थियों की सृजनात्मक क्षमता को निखारने के साथ-साथ कला के विविध आयामों से परिचित कराने का सशक्त माध्यम बन रही हैं। कार्यशाला को सफल बनाने में शिक्षक वीरेंद्र कुमार यादव, सुमित यादव एवं रामनिवास जी का विशेष योगदान रहा।

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