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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

Love Jihad In UP: कभी रौनक तो कभी अर्जुन बन हिंदू युवती को प्रेम जाल में फंसाया, पढ़ें यूपी के पांच मामले


लखनऊ। यूपी में ह‍िन्‍दू युवकों का नाम रख ह‍िंदू युवत‍ियों को प्रेम जाल में फंसाने के मामले एक के बाद एक सामने आ रहे हैं। बुधवार को लखनऊ की दुबग्‍गा कालोनी और आज बहराइच में ल‍व ज‍िहाद का द‍िल दहला देने वाला मामला सामने आया है। लखनऊ में सूफियान ने मतांतरण का विरोध करने पर 19 वर्षीय छात्रा निधि गुप्ता को चौथी मंजिल से फेंक मौत के घाट उतारा, वहीं बहराइच में रौनक बने महमूद खान ने युवती के बाल काटने के बाद उसे मारा पीटा और घर से भगा द‍िया। 

पहला मामला लखनऊ में दुबग्गा के डूडा कालोनी का है। जहां सूफियान ने मतांतरण का विरोध करने पर छात्रा निधि गुप्ता को चौथी मंजिल से नीचे फेंक दिया। गंभीर अवस्था में निधि को ट्रामा सेंटर ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मां लक्ष्मी ने बताया कि निधि (19 ) ने हाई स्कूल तक पढ़ाई की थी। वह पास के ब्यूटी पार्लर में काम भी सीख रही थी। सूफियान अक्‍सर उसे परेशान करता था। निधि को छत से फेकने के बाद सूफियान ट्रामा सेंटर भी गया था। इलाज के दौरान निधि की मौत की खबर सुनते ही वह मौके से फरार हो गया। 

दूसरा मामला यूपी के बहराइच ज‍िले का है। बहराइच के रिसिया गुदनी बसाई में महमूद खान ह‍िन्‍दू युवती को प्रेम जाल में फंसाने के ल‍िए रौनक चौरसिया बना गया। वह दो साल तक युवती का शोषण करता रहा और वीडियो भी बना ल‍िए। असलियत पता चलने पर युवती ने विरोध किया तो वीडियो वायरल करने की धमकी दी और फिर धमकाकर निकाह कर लिया। इसके बाद वह आए दिन उसके साथ मारपीट करता था। इसके साथ ही उसके बाल काट दिए और भगा दिया। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। 

तीसरा मामला देश की राजधानी दिल्ली से सटे यूपी के गाजियाबाद का है। गाजियाबाद के कौशांबी थाना क्षेत्र में एक मुस्लिम युवक ने भाई की हत्या करने की धमकी देकर हिंदू युवती से दुष्कर्म किया। इसके साथ ही युवती का रास्ता रोककर मारपीट भी की। स्थानीय निवासियों के संज्ञान में जब यह मामला आया तो उन्होंने लव जिहाद की आशंका जताते हुए गाजियाबाद पुलिस से शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पीड़‍िता ने बताया क‍ि आरोप‍ित उसे तीन साल से परेशान कर रहा था। 

चौथा मामला यूपी के शामली ज‍िले का है। जहां नाम और धर्म छिपाकर सलीम ने हिंदू युवती को प्रेम जाल में फंसाकर उसका शारीरिक शोषण क‍िया। इस मामले में पीड़िता ने तीन महीने पहले आत्महत्या कर ली थी। मृतका की भाभी ने बताया क‍ि मली जनपद के झिंझाना निवासी युवक ने खुद को हिंदू बताते हुए फेसबुक के माध्‍यम से युवती को प्रेम जाल में फंसाया था। इस दौरान उसने युवती से शादी भी कर ली थी। अरोप लगाया क‍ि युवक ने कई बार युवती का का गर्भपात कराया था। 

पांचवां मामला सीतापुर ज‍िले का है। यहां वसीम ने खुद का नाम अर्जुन बताया और लड़की को प्रेम जाल में फंसाकर शादी कर ली। एक वर्ष बाद जब पता चला कि लड़का अर्जुन नहीं, लहरपुर इलाके का वसीम है। सच सामने आया तो लड़की के पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। विरोध जताने पर युवक और परिवारजन विवाद करने लगे। जब मामला थाने पहुंचा तो पूछताछ में लड़की ने कहा कि युवक ने उसे अपना नाम अर्जुन बताकर मंदिर में शादी की थी। वह एक वर्ष साथ रही। एक बच्चा भी है। उधर, मौका पाकर युवक और परिवारजन भाग निकले। बाद में पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर मुकदमा दर्ज क‍िया था। 

योगी सरकार की सख्‍ती के बाद भी सामने आ रहीं घटनाएं यूपी में विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश 2020 प्रदेश में 27 नवंबर, 2020 को प्रभावी हुआ था, जिसके बाद से जनवरी, 2022 तक इस अध्यादेश के तहत कुल 164 मुकदमे दर्ज हुए थे। इनमें सबसे अधिक 38 मुकदमे बरेली जोन व 31 मुकदमे मेरठ जोन में दर्ज हुए। 97 मुकदमे ऐसे हैं, जिनमें पीड़ित महिला कोर्ट में आरोपितों के विरुद्ध बयान दे चुकी हैं। अब तक दर्ज कुल मुकदमों में 399 नामजद आरोपित हैं, जबकि 105 आरोपितों के नाम जांच के दौरान प्रकाश में आये। यूपी पुल‍िस लगातार कर रही आरोप‍ितों पर कार्रवाई यूपी पुलिस अब तक कुल 504 आरोपितों में से 280 आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। 21 आरोपित अदालत में हाजिर हो गई, जबकि पुलिस की जांच के दौरान 99 आरोपितों की भूमिका नहीं पाई गई। पुलिस 90 आरोपितों की तलाश कर रही है। 115 मुकदमों में कोर्ट में आरोपपत्र भी दाखिल किये जा चुके हैं। 30 मुकदमों में विवेचना चल रही है। पुलिस ने एक मुकदमे को खारिज किया और 17 मामलों में अंतिम रिपोर्ट लगाई जा चुकी है। लव ज‍िहाद और धर्म पर‍िवर्तन में सजा और जुर्माना अध्यादेश में छल-कपट से, प्रलोभन देकर, उत्‍पीड़न, बल पूर्वक अथवा विवाह के लिए धर्म परिवर्तन के सामान्य मामले में कम से कम एक वर्ष तथा पांच वर्ष अधिकतम सजा का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा कम से कम 15 हजार रुपये तक जुर्माना होगा।नाबालिग लड़की, अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति की महिला का जबरन धर्म परिवर्तन कराए जाने के मामले में कम से कम दो वर्ष तथा अधिकतम 10 वर्ष तक के कारावास तथा कम से कम 25 हजार रुपये जुर्माना होगा।सामूहिक धर्म परिवर्तन के मामलों में कम से कम तीन वर्ष तथा अधिकतम 10 वर्ष तक की सजा और कम से कम 50 हजार रुपये जुर्माना होगा।ऐसा धर्म परिवर्तन है अपराध कानून के तहत ऐसे धर्म परिवर्तन को संज्ञेय अपराध की श्रेणी में रखा गया है, जो मिथ्या, निरूपण, बलपूर्वक, असम्यक, प्रभाव, प्रपीड़न, प्रलोभन या अन्य किसी कपट रीति से या विवाह द्वारा एक धर्म से दूसरे धर्म में परिवर्तन के लिए किया जाएगा।