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खास खबर

13 साल से लापता बेटे के नाम पर छह लाख की ठगी की कोशिश, चार गिरफ्तार

लापता लोगों के परिवारों की तलाश कर बनाते थे निशाना यूपी डेस्क। 13 साल से लापता बेटे के लौटने की उम्मीद में एक परिवार ठगों के जाल में फंस गया। साधु का वेश धारण कर पहुंचे आरोपियों ने खुद को लापता युवक बताकर परिवार का भरोसा जीता। शरीर पर बताए जा रहे निशान दिखाकर पहचान पुख्ता करने का प्रयास किया और बाद में गुरु की दक्षिणा व भंडारे के नाम पर छह लाख रुपये मांगे। रकम नहीं देने पर परिवार में बीमारी और बर्बादी का डर दिखाया। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसपी अभिषेक वर्मा ने मंगलवार को पुलिस लाइन सभागार में बताया कि रामसूरत साहनी के साले का पुत्र करीब 13 साल पहले लापता हो गया था। नाग पंचमी के दौरान मध्य प्रदेश के गढ़वा थाना क्षेत्र के पिपरझर पहुंचे दो आरोपियों ने परिवार से संपर्क किया। उन्होंने खुद को लापता युवक बताया और बातचीत के दौरान रिश्तेदारों से जुड़ी जानकारी जुटाकर परिवार का विश्वास हासिल किया। इसके बाद परिवार को विंध्याचल बुलाया गया। वहां कथित युवक ने शरीर पर मौजूद निशान दिखाकर खुद को लापता बेटे के रूप में साबित करने की कोशिश की। हालांकि, गुरु की आज्ञा का हवाला...

गोवंश अवशेष कांड में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, मुठभेड़ में एक आरोपी घायल

तमंचा-कारतूस और वध में प्रयुक्त हथियार बरामद, तीन आरोपियों की तलाश तेज

सरायमीर क्षेत्र के सदरपुर (शाहपुर) गांव में कुंवर नदी किनारे खेत में मिले दो प्रतिबंधित पशुओं के अवशेष के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। बुधवार रात आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश के दौरान पुलिस की एक आरोपी से मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के बाएं पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को गिरफ्तार कर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस के अनुसार, आठ सितंबर को नदी किनारे खेत में दो प्रतिबंधित पशुओं के अवशेष मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। पशु चिकित्साधिकारी ने अवशेषों का परीक्षण कर आवश्यक नमूने सुरक्षित किए। मामले में अज्ञात के खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर घटना के खुलासे के लिए तीन पुलिस टीमें गठित की गई थीं।

नौ सितंबर की रात पुलिस को सूचना मिली कि घटना में शामिल कुछ आरोपी वध में प्रयुक्त हथियार लेकर सदरपुर से कादनपट्टी की ओर जा रहे हैं। प्रभारी निरीक्षक भुवनेश कुमार चौबे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घेराबंदी की। पुलिस को देखकर चार आरोपी भागने लगे। तीन आरोपी अंधेरे और खेतों का फायदा उठाकर फरार हो गए, जबकि एक आरोपी को पुलिस ने घेर लिया।

पुलिस का दावा है कि घिरने के बाद आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। आत्मसमर्पण की चेतावनी के बावजूद दोबारा फायरिंग का प्रयास करने पर पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें उसके बाएं पैर में गोली लगी। घायल आरोपी की पहचान मो. साबिर (28) पुत्र स्व. शकील निवासी शाहपुर (सदरपुर), थाना सरायमीर के रूप में हुई है। उसका स्थायी पता दलालघाट, थाना कोतवाली, आजमगढ़ बताया गया है।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे और निशानदेही से .315 बोर का देशी तमंचा, फायरशुदा खोखा, जिंदा कारतूस, एक चापड़, दो छुरे और लकड़ी का गोलाकार ठीहा बरामद करने का दावा किया है। फील्ड यूनिट ने घटनास्थल से खूनआलूदा व सादी मिट्टी, हैंड स्वाब सहित अन्य फॉरेंसिक साक्ष्य भी जुटाए।

पुलिस के मुताबिक पूछताछ में साबिर ने अपने साथी सैफ, आजम उर्फ पप्पू और असजद के साथ मिलकर घटना को अंजाम देने की बात बताई है। तीनों आरोपी शाहपुर (सदरपुर) के निवासी बताए गए हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।

मुठभेड़ के संबंध में सरायमीर थाने में बीएनएस और आयुध अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

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