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खास खबर

नवनिर्मित मकान में पसरा मातम, चैनल गेट में उतरे करंट ने ली महिला की जान

कटे बिजली के तार के संपर्क में आने से हुआ हादसा आजमगढ़। जिस नवनिर्मित मकान को संवारने में परिवार खुशियां तलाश रहा था, वहीं रविवार को एक हादसे ने खुशियां मातम में बदल दीं। मकान की साफ-सफाई कर रही 35 वर्षीय इंदु शर्मा की चैनल गेट में उतरे करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। मां की मौत से दो बच्चों के सिर से ममता का साया उठ गया। बसहिया पुरवा गांव निवासी इंदु शर्मा (35) पत्नी जोखू शर्मा रविवार सुबह करीब 11 बजे अपने नवनिर्मित मकान में झाड़ू-पोछा कर रही थीं। इसी दौरान चैनल गेट के पास पड़े कटे बिजली के तार के संपर्क में आने से गेट में करंट उतर आया। इसकी चपेट में आकर इंदु गंभीर रूप से झुलस गईं। परिजन उन्हें तत्काल 100 शैय्या अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इंदु के पति जोखू शर्मा नाई का काम कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनके दो बच्चे हैं। हादसे के बाद पति और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार की खुशियां पलभर में उजड़ गईं। घटना के संबंध में पति ने थाने में तहरीर देकर पोस्टमार्टम कराने की मांग की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज ...

पूर्व प्रधान व जिला सहकारी बैंक के डायरेक्टर हरिलाल मिश्रा का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

मुस्तफाबाद के पांच बार प्रधान रहे हरिलाल मिश्रा का राजघाट पर अंतिम संस्कार

जनप्रतिनिधियों व सर्वसमाज ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

जहानागंज। मुस्तफाबाद ग्रामसभा के पूर्व प्रधान एवं जिला सहकारी बैंक आजमगढ़ के डायरेक्टर हरिलाल मिश्रा उर्फ नान्हू बाबा (75) का सोमवार देर रात वाराणसी के बीएचयू अस्पताल में निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मंगलवार को उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों का तांता लगा रहा।
पुत्र भूपेंद्र मिश्रा ने बताया कि हरिलाल मिश्रा की इच्छा थी कि उनका अंतिम संस्कार आजमगढ़ के राजघाट पर किया जाए। इसी इच्छा के अनुरूप मंगलवार सुबह उनकी शवयात्रा मुस्तफाबाद से राजघाट के लिए रवाना हुई। अंतिम यात्रा में सर्वसमाज के लोगों ने भाग लिया और नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। हरिलाल मिश्रा लगातार पांच बार मुस्तफाबाद ग्रामसभा के प्रधान रहे। वर्तमान में वह जिला सहकारी बैंक आजमगढ़ के डायरेक्टर थे। इसके अलावा दो बार डीसीएफ के डायरेक्टर तथा एक बार सठियांव चीनी मिल के डायरेक्टर का दायित्व भी निभा चुके थे। अपने सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और समाजसेवा के कारण वे क्षेत्र में काफी लोकप्रिय थे। ग्रामीणों, मजदूरों और बुनकर समुदाय के लोग उन्हें गरीबों का सच्चा हितैषी बताते थे। वह चार भाइयों में सबसे बड़े थे। कुछ दिन पहले ही उनके छोटे भाई हरिमूरत मिश्रा की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। परिवार में तीन पुत्र, दो पुत्रियां एवं अन्य परिजन हैं। राजघाट पर उनके बड़े पुत्र उपेंद्र नाथ मिश्रा उर्फ संतोष मिश्रा ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधान परिषद सदस्य यशवंत सिंह, भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अखिलेश मिश्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष ध्रुव सिंह, जयनाथ सिंह, राकेश सिंह, शिक्षक नेता अनिल सिंह, वेदव्यास मिश्रा, शिवप्रकाश चौबे सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।


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