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खास खबर

पुत्र प्राप्ति का झांसा देकर महिला से टप्पेबाजी, तीन गिरफ्तार

सोनोग्राफी सेंटर से निकलते ही ठगों ने बनाया निशाना सोने के जेवर और पांच हजार रुपये लेकर हुए थे फरार आजमगढ़। पुत्र प्राप्ति का झांसा देकर महिला से जेवर और नकदी ठगने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का कोतवाली पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से तीन हजार रुपये, चांदी की पायल और महिला का पर्स बरामद किया है। ठगी के सोने के जेवर खरीदने वाले चंदौली के एक सोनार को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। रानी की सराय थाना क्षेत्र की महिला 19 अगस्त को बिलरिया की चुंगी स्थित सोगरा सोनोग्राफी सेंटर से सोनोग्राफी कराने के बाद तिराहे की ओर जा रही थी। इसी दौरान दो लोगों ने उसे रोक लिया। पूजा-पाठ और पुत्र प्राप्ति की बातों में उलझाकर आरोपियों ने उसे विश्वास में ले लिया। इसके बाद उसके कान के झाले, गले का लॉकेट और पर्स में रखे पांच हजार रुपये लेकर फरार हो गए। महिला की तहरीर पर कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। सर्विलांस और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने 28 अगस्त को रोडवेज बंधा के पास से मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के जावरा निवासी असलम खां, अरशद...

पुरानी जेल परिसर के पास मिला कटा हुआ मानव पैर, इलाके में सनसनी

पुलिस ने अंग को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, 
मेडिकल वेस्ट और आपराधिक घटना दोनों पहलुओं पर जांच



आजमगढ़। शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित पुरानी जेल परिसर के पास सोमवार को एक कटा हुआ मानव पैर मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। बीच शहर में मानव अंग मिलने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए। सूचना पर पहुंची शहर कोतवाली पुलिस ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर आसपास सघन तलाशी अभियान चलाया।

पुलिस ने कटे हुए पैर के अलावा शरीर के अन्य हिस्सों की तलाश की, लेकिन काफी खोजबीन के बाद भी कुछ नहीं मिला। इसके बाद बरामद मानव पैर को कब्जे में लेकर सील किया गया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। मामले की जांच के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। घटना को लेकर क्षेत्र में विभिन्न तरह की चर्चाएं हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पास स्थित डंपिंग यार्ड में नगर पालिका की गाड़ियों के माध्यम से अस्पतालों का मेडिकल वेस्ट भी डाला जाता है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि यह मानव अंग किसी अस्पताल के मेडिकल वेस्ट का हिस्सा हो सकता है, जिसे कोई आवारा कुत्ता डंपिंग यार्ड से खींचकर सड़क किनारे ले आया हो। हालांकि, कुछ लोग इसे किसी गंभीर आपराधिक घटना से भी जोड़कर देख रहे हैं। उनका मानना है कि हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव के अंग अलग-अलग स्थानों पर फेंके गए हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस ने इस संबंध में किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है।
घटना ने मेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण और शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि बरामद अंग मेडिकल वेस्ट का हिस्सा है तो उसके खुले डंपिंग स्थल तक पहुंचने की परिस्थितियों की जांच होगी, जबकि यदि मामला किसी अपराध से जुड़ा हुआ पाया जाता है तो उसके पीछे की सच्चाई उजागर करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती होगी। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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