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अटेवा तिरंगा यात्रा में उमड़े ​शिक्षक-कर्मचारी, पुरानी पेंशन बहाली की मांग बुलंद

निजीकरण रोकने और टीईटी की अनिवार्यता खत्म करने की उठी आवाज

आजमगढ़। पुरानी पेंशन बहाली, नई पेंशन योजना व अंशदायी पेंशन योजना के विरोध, निजीकरण पर रोक तथा राष्ट्रीय शिक्षा अधिकार अधिनियम लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग को लेकर शुक्रवार को अटेवा पेंशन बचाओ मंच के नेतृत्व में तिरंगा यात्रा निकाली गई। डीएवी इंटर कॉलेज के पास स्थित गांधी प्रतिमा से शुरू हुई यात्रा जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर समाप्त हुई।



यात्रा में शिक्षक, कर्मचारी और अधिकारी हाथों में तिरंगा लेकर शामिल हुए। इस दौरान ‘ पुरानी पेंशन बहाल करो’, ‘नई पेंशन योजना वापस लो’ और ‘निजीकरण बंद करो’ जैसे नारों से शहर गूंज उठा। अटेवा के जिलाध्यक्ष सुभाष चंद यादव ने कहा कि संगठन का संकल्प पुरानी पेंशन की बहाली है। सरकार जब तक पुरानी पेंशन बहाल नहीं करती, संघर्ष जारी रहेगा। माध्यमिक शिक्षक संघ-एकजुट के जिलाध्यक्ष सुशील कुमार ने कहा कि शिक्षक और कर्मचारी एकजुट हो चुके हैं और एकता के बल पर अपना अधिकार लेकर रहेंगे। जिला महामंत्री डॉ. रामजी वर्मा ने कहा कि आरटीई अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता थोपना अन्याय है। इसे तत्काल समाप्त किया जाना चाहिए। यात्रा के बाद पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। आंदोलन में विभिन्न शिक्षक-कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल रहे। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं हुआ तो 25 सितंबर 2026 को लखनऊ में विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान डॉ. बृजेश कुमार, राजनरायन यादव, विद्यासागर पटेल, लालजी यादव, विनीता सिंह, विंदू यादव, रीना सिंह, सी०पी० यादव, बैजनाथ कन्नौजिया, राकेश यादव, ओमकार सिंह, घनश्याम यादव, मनोज कुमार मौर्य, आदित्य कुमार, गुलाब चौरसिया, बद्री प्रसाद गुप्ता, विनोद दुबे, नाहिदा अंसारी, संजय कुमार, अवधेश कुमार, सैयद जुल्फिकार अली रिजवी, दीपक कुमार, महेंद्र कुमार "मृदुल" सहित हजारों शिक्षक, कर्मचारी एवं अधिकारी उपस्थित रहे। अंत में जिला मीडिया प्रभारी नवल किशोर यादव ने सभी का आभार प्रकट किया।

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