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पूजा के बीच पिस्टल से चली गोलियां, पत्नी समेत तीन की मौत

आधार कार्ड मांगने पर पंडितों से हुआ विवाद फायरिंग के बाद बच्चों के साथ घर में बंद हुआ आरोपी आजमगढ़। अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार शाम पूजा के दौरान उस समय सनसनी फैल गई, जब आधार कार्ड मांगने को लेकर हुए विवाद में पिस्टल से फायरिंग कर दी गई। गोली लगने से घर की महिला बबीता सिंह (40) और पूजा कराने आए दो पंडितों महेंद्र पाठक (42) व अखिलेश मिश्रा (55) की मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी अरविंद सिंह अपने तीन बच्चों के साथ घर के अंदर ही बंद हो गया। पुलिस ने मकान को घेरकर बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने की कवायद शुरू कर दी। बताया गया कि अरविंद सिंह के घर में मंगलवार शाम पूजा का आयोजन चल रहा था। इसमें पटखौली गांव निवासी पंडित महेंद्र पाठक, छितौना भटौली गांव निवासी अखिलेश मिश्रा, उनके पुत्र हिमांशु मिश्रा और एक अन्य पंडित शामिल थे। घर में अरविंद की पत्नी बबीता, मां समला देवी (70) और तीन बच्चे भी मौजूद थे। पुलिस के अनुसार, शाम करीब छह बजे अरविंद बाजार से घर पहुंचा। पूजा होते देख उसने पंडितों से जानकारी ली और इसके बाद आधार कार्ड मांगने लगा। इसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। व...

बिना ऋण लिए खतौनी हुई बंधक, केसीसी से वंचित रहा किसान

अभिलेखीय त्रुटि से महीनों कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़े, जांच के बाद जारी हुई एनओसी

आजमगढ़। बूढ़नपुर तहसील क्षेत्र के विकास खंड अहरौला के असिलाई गांव निवासी एवं पूर्व प्रधान सत्येंद्र सिंह उर्फ गुड्डू की खतौनी बिना किसी ऋण के ही बैंक में बंधक दर्ज हो गई। अभिलेखीय त्रुटि के कारण उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) का ऋण नहीं मिल सका और कई महीनों तक उन्हें बैंक व तहसील के चक्कर लगाने पड़े।

सत्येंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने यूनियन बैंक की अहरौला शाखा में केसीसी ऋण के लिए आवेदन किया था। जांच के दौरान पता चला कि उनकी खतौनी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की बूढ़नपुर शाखा में बंधक दर्ज है। इस वजह से उनका ऋण आवेदन निरस्त कर दिया गया। उन्होंने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की बूढ़नपुर शाखा से संपर्क किया, जहां अभिलेखों में उनकी खतौनी बंधक दर्ज मिली। इसके बाद उन्होंने उपजिलाधिकारी बूढ़नपुर को प्रार्थना पत्र देकर मामले की जांच कराने की मांग की। एसडीएम के निर्देश पर बैंक द्वारा अभिलेखों की जांच कराई गई। जांच में सामने आया कि वर्ष 2018 से उनकी खतौनी बंधक दर्ज थी, जबकि उन्होंने बैंक से कभी कोई ऋण नहीं लिया था और न ही उनके नाम कोई बकाया था। जांच पूरी होने के बाद बैंक प्रबंधन ने उन्हें अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी किया। ए नओसी तहसील में प्रस्तुत करने के बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई और कई माह की मशक्कत के बाद उनकी खतौनी बंधनमुक्त हो सकी। पूर्व प्रधान सत्येंद्र सिंह ने कहा कि यदि ऐसी त्रुटि अन्य किसानों के साथ भी हुई होगी तो उन्हें भी अनावश्यक मानसिक और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा होगा। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

शाखा प्रबंधक बोले, अभिलेखीय त्रुटि थी

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बूढ़नपुर शाखा के प्रबंधक सुमन कुमार ने बताया कि अभिलेखीय त्रुटि के कारण संबंधित खतौनी बंधक प्रदर्शित हो रही थी। यह गलती बैंक के किसी पूर्व कर्मचारी अथवा तहसील स्तर पर अभिलेखों के अद्यतन के दौरान हुई हो सकती है। फिलहाल संबंधित खतौनी को बंधनमुक्त करा दिया गया है।

जांच के बाद होगी कार्रवाई : एसडीएम

उपजिलाधिकारी अभयराज पाण्डेय ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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