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खास खबर

बारिश बनी जानलेवा: लालगंज में दीवार ढहने से एक की मौत

अहरौला में बारजा गिरा चार घायल, पवई में कच्चे मकान की दीवार गिरी आजमगढ़। जिले में लगातार हो रही बारिश अब जानलेवा साबित होने लगी है। बृहस्पतिवार को अहरौला, लालगंज और पवई में बारिश के कारण तीन अलग-अलग हादसे हुए। इनमें लालगंज में कच्ची दीवार गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि अहरौला में मकान का बारजा गिरने से चार लोग घायल हो गए। पवई में कच्चे मकान की दीवार ढहने से बड़ा हादसा टल गया। अहरौला थाना क्षेत्र के पारा फुलवरिया बाजार में इकबाल पुत्र माजिज के दो मंजिला मकान का बारजा अचानक गिर पड़ा। नीचे संचालित जनरल स्टोर पर उस समय ग्राहक मौजूद थे। हादसे में एक ग्राहक और उसकी माता को हल्की चोटें आईं, जबकि इकबाल के साडू अकबर की पुत्रियां रेशमा समेत दो बच्चियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। स्थानीय लोगों ने मलबे में दबे घायलों को बाहर निकालकर निजी अस्पतालों में भर्ती कराया। बारजा गिरने से जनरल स्टोर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और दुकानदार को लगभग 50 हजार रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान है। उधर, लालगंज थाना क्षेत्र के बेरवा विशंभरपुर गांव में लगातार बारिश के कारण कच्ची दीवार भरभराकर गिर गई...

बिना ऋण लिए खतौनी हुई बंधक, केसीसी से वंचित रहा किसान

अभिलेखीय त्रुटि से महीनों कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़े, जांच के बाद जारी हुई एनओसी

आजमगढ़। बूढ़नपुर तहसील क्षेत्र के विकास खंड अहरौला के असिलाई गांव निवासी एवं पूर्व प्रधान सत्येंद्र सिंह उर्फ गुड्डू की खतौनी बिना किसी ऋण के ही बैंक में बंधक दर्ज हो गई। अभिलेखीय त्रुटि के कारण उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) का ऋण नहीं मिल सका और कई महीनों तक उन्हें बैंक व तहसील के चक्कर लगाने पड़े।

सत्येंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने यूनियन बैंक की अहरौला शाखा में केसीसी ऋण के लिए आवेदन किया था। जांच के दौरान पता चला कि उनकी खतौनी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की बूढ़नपुर शाखा में बंधक दर्ज है। इस वजह से उनका ऋण आवेदन निरस्त कर दिया गया। उन्होंने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की बूढ़नपुर शाखा से संपर्क किया, जहां अभिलेखों में उनकी खतौनी बंधक दर्ज मिली। इसके बाद उन्होंने उपजिलाधिकारी बूढ़नपुर को प्रार्थना पत्र देकर मामले की जांच कराने की मांग की। एसडीएम के निर्देश पर बैंक द्वारा अभिलेखों की जांच कराई गई। जांच में सामने आया कि वर्ष 2018 से उनकी खतौनी बंधक दर्ज थी, जबकि उन्होंने बैंक से कभी कोई ऋण नहीं लिया था और न ही उनके नाम कोई बकाया था। जांच पूरी होने के बाद बैंक प्रबंधन ने उन्हें अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी किया। ए नओसी तहसील में प्रस्तुत करने के बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई और कई माह की मशक्कत के बाद उनकी खतौनी बंधनमुक्त हो सकी। पूर्व प्रधान सत्येंद्र सिंह ने कहा कि यदि ऐसी त्रुटि अन्य किसानों के साथ भी हुई होगी तो उन्हें भी अनावश्यक मानसिक और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा होगा। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

शाखा प्रबंधक बोले, अभिलेखीय त्रुटि थी

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बूढ़नपुर शाखा के प्रबंधक सुमन कुमार ने बताया कि अभिलेखीय त्रुटि के कारण संबंधित खतौनी बंधक प्रदर्शित हो रही थी। यह गलती बैंक के किसी पूर्व कर्मचारी अथवा तहसील स्तर पर अभिलेखों के अद्यतन के दौरान हुई हो सकती है। फिलहाल संबंधित खतौनी को बंधनमुक्त करा दिया गया है।

जांच के बाद होगी कार्रवाई : एसडीएम

उपजिलाधिकारी अभयराज पाण्डेय ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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