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हनुमान जी की प्रतिमा क्षतिग्रस्त, नई स्थापित

पुलिस ने शुरू की जांच, एसडीएम भी पहुंचे मौके पर आजमगढ़। कप्तानगंज थाना क्षेत्र के पासीपुर रसूलपुर गांव में बृहस्पतिवार की सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में हनुमान जी की प्रतिमा क्षतिग्रस्त मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू कर दी। बाद में नई प्रतिमा स्थापित कराई गई। पासीपुर रसूलपुर गांव स्थित शारदा सहायक शाखा खंड-32 के किनारे, राष्ट्रीय राजमार्ग से लगभग 50 मीटर दक्षिण मठ गोविंद मार्ग पर स्थित हनुमान मंदिर में गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे ग्रामीणों ने प्रतिमा को क्षतिग्रस्त देखा। घटना की जानकारी तत्काल पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अनुराग कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रशासन की ओर से नई हनुमान प्रतिमा स्थापित कराकर पूजा-अर्चना भी कराई गई। मौके पर बूढ़नपुर के एसडीएम अभय राज शुक्ल भी पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। थाना प्रभारी अनुराग कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया किसी अराजक तत्व द्वारा माहौल बिगाड़ने जैसी बात सामने नहीं आई है। प्रतिमा किन परिस्थितियों में क्षतिग्रस्त हुई, इसकी जांच की जा रही है। सभी पहलुओं ...

लालगंज की बेटी बनीं 'डॉ. शुभ्रा साहू', IIT खड़गपुर से गणित में पीएचडी कर बढ़ाया जिले का मान

सरस्वती विद्या मंदिर लालगंज से शुरू हुई शिक्षा की यात्रा,

BHU और IIT धनबाद के बाद IIT खड़गपुर से हासिल की सर्वोच्च शैक्षणिक उपलब्धि


देवगांव। लालगंज क्षेत्र की प्रतिभाशाली बेटी शुभ्रा साहू ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) खड़गपुर से गणित विषय में पीएचडी की उपाधि प्राप्त कर जिले और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, गुरुजनों और क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है।
डॉ. शुभ्रा साहू ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा से लेकर हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई सरस्वती विद्या मंदिर, लालगंज से पूरी की। इसके बाद उन्होंने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU), वाराणसी से स्नातक तथा IIT धनबाद से गणित एवं कम्प्यूटिंग विषय में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। उच्च शिक्षा की इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने IIT खड़गपुर में गणित विषय में शोध कार्य किया। उनका शोध कार्य प्रो. सोमनाथ भट्टाचार्य और प्रो. सुमन चक्रवर्ती के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक पूरा हुआ। वर्षों के कठिन परिश्रम, शोध और समर्पण के बाद उन्हें पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। परिजनों ने इस सफलता का श्रेय सतगुरु महाराज की कृपा, शुभ्रा की अथक मेहनत और गुरुजनों के मार्गदर्शन को दिया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि पूरे परिवार के लिए गर्व और सम्मान का क्षण है। डॉ. शुभ्रा साहू की सफलता यह संदेश देती है कि ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों के विद्यार्थी भी प्रतिभा, परिश्रम और सही मार्गदर्शन के दम पर देश के सर्वोच्च शैक्षणिक संस्थानों में अपनी पहचान बना सकते हैं। इस उपलब्धि पर परिवार, रिश्तेदारों, गुरुजनों, मित्रों और क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। सभी ने विश्वास जताया कि उनकी सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।

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