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खास खबर

रेलिंग फिनिशिंग के दौरान करंट लगने से मजदूर की दर्दनाक मौत

जीयनपुर के हरखोरी गांव में रेलिंग लगाने के दौरान हुआ हादसा साथी मजदूरों ने बचाने का किया प्रयास, लेकिन नहीं बच सकी जान पुलिस ने शव कब्जे में लेकर शुरू की आवश्यक कानूनी कार्रवाई आजमगढ़ ।  जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के नगर पंचायत अजमतगढ़ के महादेव नगर मोहल्ला निवासी 28 वर्षीय आदर्श कुमार पुत्र स्वर्गीय रामनयन की सोमवार शाम रेलिंग का कार्य करते समय करंट लगने से मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।  आदर्श कुमार सोमवार को जीयनपुर क्षेत्र के हरखोरी गांव में रेलिंग लगाने का कार्य कर रहा था। काम के दौरान अचानक करंट की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से झुलस गया। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे तत्काल जीयनपुर के एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर जीयनपुर पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। मृतक आदर्श कुमार दो भाइयों में छोटा था, जबकि उसकी तीनों बहनों की शादी हो चुकी है। वह मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोष...

रेनबो चिल्ड्रेन हॉस्पिटल में नवजात अदला-बदली मामले में FIR, छह पर मुकदमा दर्ज

तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट के बाद सिधारी पुलिस ने शुरू की विवेचना

अस्पताल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही आई सामने

आजमगढ़। सिधारी थाना क्षेत्र स्थित रेनबो चिल्ड्रेन हॉस्पिटल में कथित नवजात शिशु अदला-बदली के बहुचर्चित मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के नोडल अधिकारी की तहरीर पर थाना सिधारी में मुकदमा संख्या 311/2026 दर्ज किया गया है। भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) एवं 281 के तहत अस्पताल से जुड़े छह लोगों को नामजद किया गया है।
मामले के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र निवासी कमलेश वर्मा की पत्नी नेहा सोनी ने 12 मई 2026 को जिला महिला चिकित्सालय में पुत्र को जन्म दिया था। नवजात की तबीयत बिगड़ने पर उसे उसी दिन उपचार के लिए रेनबो चिल्ड्रेन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। आरोप है कि 27 मई को छुट्टी के समय परिजनों को उनके पुत्र की जगह नवजात पुत्री सौंप दी गई। विरोध करने पर अस्पताल प्रशासन द्वारा कथित रूप से उन्हें चुप रहने का दबाव बनाया गया।
मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने और शिकायतें बढ़ने के बाद अस्पताल प्रबंधन हरकत में आया। आरोप है कि दूसरे परिवार से संपर्क कर उसी रात नवजात पुत्र को वापस अस्पताल लाया गया और कमलेश वर्मा को उनका पुत्र सौंपा गया। इसके बाद दूसरे परिवार को उनकी पुत्री वापस दी गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी, नगर क्षेत्राधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी की तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई। समिति ने 10 जुलाई 2026 को सौंपी गई रिपोर्ट में अस्पताल कर्मियों की लापरवाही को नवजातों की अदला-बदली का कारण बताया। रिपोर्ट में कहा गया कि बच्चों की पहचान के लिए लगाए गए टैग बदल जाने से यह स्थिति उत्पन्न हुई। हालांकि, जांच में जानबूझकर अदला-बदली किए जाने की पुष्टि नहीं हुई। जांच रिपोर्ट के आधार पर स्टाफ नर्स नीतू यादव, अनुरजित चौहान, जयकृष्ण शुक्ल, शशि कुमार पांडेय, माधवी यादव और कन्हैया यादव के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। सिधारी पुलिस मामले की विवेचना कर रही है और संबंधित दस्तावेजों व साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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