सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

रेनबो चिल्ड्रेन हॉस्पिटल में नवजात अदला-बदली मामले में FIR, छह पर मुकदमा दर्ज

तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट के बाद सिधारी पुलिस ने शुरू की विवेचना

अस्पताल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही आई सामने

आजमगढ़। सिधारी थाना क्षेत्र स्थित रेनबो चिल्ड्रेन हॉस्पिटल में कथित नवजात शिशु अदला-बदली के बहुचर्चित मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के नोडल अधिकारी की तहरीर पर थाना सिधारी में मुकदमा संख्या 311/2026 दर्ज किया गया है। भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) एवं 281 के तहत अस्पताल से जुड़े छह लोगों को नामजद किया गया है।
मामले के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र निवासी कमलेश वर्मा की पत्नी नेहा सोनी ने 12 मई 2026 को जिला महिला चिकित्सालय में पुत्र को जन्म दिया था। नवजात की तबीयत बिगड़ने पर उसे उसी दिन उपचार के लिए रेनबो चिल्ड्रेन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। आरोप है कि 27 मई को छुट्टी के समय परिजनों को उनके पुत्र की जगह नवजात पुत्री सौंप दी गई। विरोध करने पर अस्पताल प्रशासन द्वारा कथित रूप से उन्हें चुप रहने का दबाव बनाया गया।
मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने और शिकायतें बढ़ने के बाद अस्पताल प्रबंधन हरकत में आया। आरोप है कि दूसरे परिवार से संपर्क कर उसी रात नवजात पुत्र को वापस अस्पताल लाया गया और कमलेश वर्मा को उनका पुत्र सौंपा गया। इसके बाद दूसरे परिवार को उनकी पुत्री वापस दी गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी, नगर क्षेत्राधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी की तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई। समिति ने 10 जुलाई 2026 को सौंपी गई रिपोर्ट में अस्पताल कर्मियों की लापरवाही को नवजातों की अदला-बदली का कारण बताया। रिपोर्ट में कहा गया कि बच्चों की पहचान के लिए लगाए गए टैग बदल जाने से यह स्थिति उत्पन्न हुई। हालांकि, जांच में जानबूझकर अदला-बदली किए जाने की पुष्टि नहीं हुई। जांच रिपोर्ट के आधार पर स्टाफ नर्स नीतू यादव, अनुरजित चौहान, जयकृष्ण शुक्ल, शशि कुमार पांडेय, माधवी यादव और कन्हैया यादव के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। सिधारी पुलिस मामले की विवेचना कर रही है और संबंधित दस्तावेजों व साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

सर्वाधिक पढ़ीं गईं