खास खबर
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
चमावा में शब्बेदारी: जनाबे सकीना की याद में उमड़ा अकीदतमंदों का सैलाब
ताबूत और अलम के साथ निकला जुलूस, 'हाय सकीना, हाय प्यास' की सदाओं से गूंजा माहौल
इससे पूर्व आयोजित मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना नजफ अब्बास जैदी ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन ने एक चिराग से 72 चिराग जलाए और पूरी इंसानियत को हिदायत का रास्ता दिखाया। उन्होंने कहा कि जब से कायनात है, तब से हुसैन हिदायत के प्रतीक रहे हैं। मौलाना नाफिर खान आज़मी और मौलाना इकरार आज़मी ने भी मजलिस को खिताब करते हुए इमाम हुसैन की कुर्बानी और जनाबे सकीना की अजमत पर प्रकाश डाला। नौहा और मातम की कड़ी में अंजुमन फरो-ग-ए-अजा, मासूमिया डिघिया, लश्करे मेहदी भादी, अलमदारिया खानवाई तथा रौनक-ए-अजा रजिस्टर्ड आलमपुर की अंजुमनों ने प्रभावशाली नौहे पेश किए। देर रात निकाले गए अलम और ताबूत का परिचय (नकाबत) मौलाना तनवीर हैदर रजा आज़मी ने अपने विशेष अंदाज में कराया। कार्यक्रम का संचालन मीसम अब्बास और सागर आज़मी ने संयुक्त रूप से किया। शब्बेदारी में बड़ी संख्या में महिलाओं, पुरुषों, बुजुर्गों और बच्चों ने गम का प्रतीक काले वस्त्र पहनकर शिरकत की। विशेष रूप से महिलाओं की उपस्थिति पुरुषों की अपेक्षा अधिक रही, जिससे पूरा वातावरण गम और अकीदत में डूबा नजर आया।
सर्वाधिक पढ़ीं गईं
Azamgarh: पूर्व ब्लाक प्रमुख सहित सात कालेजों के मैनेजर शिक्षा माफिया घोषित
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
Video : जहानागंज में लगे पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे, पार्टी विशेष का झंडा लिए नारा लगाते वीडियो वायरल
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
