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वेतन संशोधन की मांग पर तीसरे दिन भी डटे बीएसएनएल कर्मी



27 जुलाई को ट्विटर अभियान, 7 अगस्त को संसद घेराव की चेतावनी

आजमगढ़। लंबे समय से लंबित वेतन संशोधन की मांग को लेकर बीएसएनएल कर्मचारी यूनियन का तीन दिवसीय धरना शुक्रवार को तीसरे दिन भी सी-डॉट परिसर में जारी रहा। कर्मचारियों ने केंद्र सरकार और दूरसंचार विभाग से वेतन समझौते की लंबित फाइल पर शीघ्र निर्णय लेते हुए अफोर्डेबिलिटी क्लॉज में आवश्यक छूट देकर वेतन संशोधन लागू करने की मांग की।


धरने को संबोधित करते हुए यूनियन के सहायक महासचिव आनंद कुमार सिंह ने कहा कि वर्षों से लंबित वेतन संशोधन अब कर्मचारियों के सम्मान और अधिकार का प्रश्न बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने बीएसएनएल के साथ सौतेला व्यवहार किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसके तहत 27 जुलाई को ट्विटर अभियान चलाया जाएगा, जबकि 7 अगस्त को दिल्ली में संसद घेराव किया जाएगा सहायक जिला सचिव प्रशांत कुमार ने कर्मचारियों की मांगों को न्यायोचित बताते हुए सरकार पर लगातार उपेक्षा का आरोप लगाया और संगठन की एकजुटता बनाए रखने का आह्वान किया। सहायक जिला सचिव विवेक कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद बीएसएनएल कर्मचारी दूरसंचार सेवाओं को निर्बाध बनाए रखने में पूरी निष्ठा से लगे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर गंभीर नहीं है। परमेश्वर शाह ने वेतन संशोधन को कर्मचारियों का वैधानिक अधिकार बताते हुए इसे और लंबित न रखने की मांग की। वहीं सुनील सिंह ने सरकार से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील करते हुए कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
धरने की अध्यक्षता यूनियन अध्यक्ष पंचानंद राय तथा संचालन सहायक जिला सचिव प्रशांत कुमार यादव ने किया। इस दौरान प्रांतीय संगठन मंत्री सुनील कुमार उपाध्याय, किस्मती देवी, अभिनव द्विवेदी, अरविंद कुमार उपाध्याय, गुरुचंद वैष्णव, विनोद यादव, गुलाब यादव, संदीप कुमार वैष्णव, प्रताप सिंह, बालमुकुंद यादव, हरिश्चंद्र गिरी, माताप्रसाद यादव, सुनील कुमार सिंह, सुनील कुमार चौहान, संतोष कुमार श्रीवास्तव, संतोष सिंह, विजय कुमार, प्रथमनंद सिंह, राजबहादुर, विद्यादेवी, रवि, हरिकेश यादव समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।

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