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हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

नई शिक्षा नीति के अनुरूप ठेकमा में पाँच दिवसीय एफएलएन शिक्षक प्रशिक्षण का शुभारंभ

एनसीईआरटी आधारित गतिविधि-आधारित शिक्षण पर होगा फोकस

बीईओ विमल तिवारी ने किया उद्घाटन

ठेकमा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं निपुण भारत मिशन के उद्देश्यों को साकार करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से सोमवार को बीआरसी ठेकमा के सभागार में एफएलएन (Foundational Literacy and Numeracy) एवं नई एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों पर आधारित पाँच दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन खंड शिक्षा अधिकारी विमल तिवारी ने दीप प्रज्वलित कर किया।


 इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी विमल तिवारी ने कहा कि नई शिक्षा नीति का मूल उद्देश्य बच्चों में प्रारंभिक स्तर पर भाषा एवं गणित की मजबूत नींव तैयार करना है। इसके लिए शिक्षकों को गतिविधि आधारित, बाल-केंद्रित एवं रुचिकर शिक्षण पद्धतियों को अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण से प्राप्त नवीन शिक्षण तकनीकों का प्रभावी उपयोग कक्षा-कक्ष में करने से विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता और शैक्षणिक गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा। प्रशिक्षण के प्रथम दिवस में
एआरपी प्रज्ञा त्रिपाठी, बिमल राय, अशोक कुमार, सदाशिव तिवारी, सपन राय एवं मुन्नीलाल सरोज ने प्रतिभागी शिक्षकों को एफएलएन के उद्देश्य, नई एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों की अवधारणा, निपुण भारत मिशन, बाल-केंद्रित शिक्षण, गतिविधि आधारित अधिगम, दक्षता आधारित मूल्यांकन तथा प्रभावी कक्षा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण में विकासखंड ठेकमा के बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सहभागिता की। प्रतिभागियों ने इसे नई शिक्षा नीति के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। यह प्रशिक्षण आगामी पाँच दिनों तक विभिन्न शैक्षणिक सत्रों के माध्यम से संचालित होगा, जिसमें शिक्षकों को व्यवहारिक गतिविधियों एवं नवीन शिक्षण विधियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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