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कारगिल विजय दिवस पर महादेवी स्कूल में शहीदों को दी श्रद्धांजलि, देशभक्ति से गूंजा परिसर

देशभक्ति गीत, झांकी और भाषणों से वीर जवानों के शौर्य और बलिदान को किया नमन पल्हनी (आजमगढ़)। तिवारीपुर, सिधारी स्थित महादेवी हायर सेकेंडरी स्कूल में शनिवार को कारगिल विजय दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भारतीय सेना के शौर्य, पराक्रम और बलिदान को नमन करते हुए शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधक डीपी मौर्य, अकादमिक डायरेक्टर राम नयन मौर्य, प्रधानाचार्य शत्रुघ्न विश्वकर्मा सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके बाद छात्रा अदिति मिश्रा ने प्रसिद्ध देशभक्ति गीत "ऐ मेरे वतन के लोगों..." प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत कर दिया। उनकी प्रस्तुति ने उपस्थित सभी लोगों को भावुक कर दिया। कक्षा चार के छात्र-छात्राओं द्वारा कारगिल विजय दिवस पर आधारित झांकी प्रस्तुत की गई, जिसमें भारतीय सैनिकों के साहस और देशप्रेम का सजीव चित्रण किया गया। वहीं छात्राओं इशिता दुबे और गरिमा सिंह ने कारगिल युद्ध के इतिह...

सुख-दुख में समता का संदेश देता है श्रीराम का चरित्र: कौशल किशोर

श्री विष्णु महायज्ञ में रामकथा सुन धन्य हो रहे भक्त

आजमगढ़। शेरपुर कुटी के निकट वीरभद्रपुर, हनेवता में श्री श्री 1008 महामण्डलेश्वर रामकृष्ण दास जी महाराज की अध्यक्षता में आयोजित श्री विष्णु महायज्ञ से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा हुआ है। काशी के यज्ञाचार्य पं. कपिलदेव शर्मा के नेतृत्व में विद्वान ब्राह्मणों द्वारा विधि-विधान से यज्ञ संपन्न कराया जा रहा है।

यज्ञ के दौरान श्रद्धालु दिन में हवन, पूजन एवं यज्ञमंडप की परिक्रमा कर पुण्य अर्जित कर रहे हैं, वहीं सायंकाल रामकथा का श्रवण कर आत्मिक आनंद प्राप्त कर रहे हैं। दिल्ली से पधारे राष्ट्रीय मानस प्रवक्ता कौशल किशोर जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि भगवान श्रीराम का चरित्र हमें जीवन में सुख-दुख दोनों परिस्थितियों में समभाव बनाए रखने की प्रेरणा देता है। उन्होंने बताया कि जब श्रीराम को युवराज बनाए जाने की तैयारी चल रही थी, तभी मंथरा के बहकावे में आकर कैकेयी ने उन्हें वनवास भेजने का निर्णय लिया। इस कठिन परिस्थिति में भी श्रीराम ने तनिक भी दुख प्रकट नहीं किया, बल्कि प्रसन्नता से वन गमन स्वीकार किया।कथावाचक ने वनवास प्रसंग का अत्यंत मार्मिक एवं रोचक वर्णन करते हुए अपने संगीतमय प्रवचन से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।कार्यक्रम का संचालन शम्भूदास ने किया। मुख्य यजमान रमाकांत यादव द्वारा मानस पूजन संपन्न कराया गया। इस अवसर पर प्रख्यात साहित्यकार पं. सुभाष चन्द्र तिवारी ‘कुन्दन’, ग्राम प्रधान विपिन यादव उर्फ कंचन यादव, रणधीर सिंह, सुधीर दास जी महाराज, नवल किशोर द्विवेदी, सुभाष शास्त्री, अजय पांडेय सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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