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खास खबर

बारिश बनी जानलेवा: लालगंज में दीवार ढहने से एक की मौत

अहरौला में बारजा गिरा चार घायल, पवई में कच्चे मकान की दीवार गिरी आजमगढ़। जिले में लगातार हो रही बारिश अब जानलेवा साबित होने लगी है। बृहस्पतिवार को अहरौला, लालगंज और पवई में बारिश के कारण तीन अलग-अलग हादसे हुए। इनमें लालगंज में कच्ची दीवार गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि अहरौला में मकान का बारजा गिरने से चार लोग घायल हो गए। पवई में कच्चे मकान की दीवार ढहने से बड़ा हादसा टल गया। अहरौला थाना क्षेत्र के पारा फुलवरिया बाजार में इकबाल पुत्र माजिज के दो मंजिला मकान का बारजा अचानक गिर पड़ा। नीचे संचालित जनरल स्टोर पर उस समय ग्राहक मौजूद थे। हादसे में एक ग्राहक और उसकी माता को हल्की चोटें आईं, जबकि इकबाल के साडू अकबर की पुत्रियां रेशमा समेत दो बच्चियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। स्थानीय लोगों ने मलबे में दबे घायलों को बाहर निकालकर निजी अस्पतालों में भर्ती कराया। बारजा गिरने से जनरल स्टोर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और दुकानदार को लगभग 50 हजार रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान है। उधर, लालगंज थाना क्षेत्र के बेरवा विशंभरपुर गांव में लगातार बारिश के कारण कच्ची दीवार भरभराकर गिर गई...

सड़क हादसे में छात्र की मौत मामले में ग्रामीणों का थाने पर प्रदर्शन

29 अप्रैल को गोरहरपुर गांव के पास हुई थी घटना 

चालक के गिरफ्तारी, आर्थिक सहायता, पीएम आवास की मांग  


आजमगढ़। अतरौलिया क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 14 वर्षीय छात्र की मौत के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। सोमवार को सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने थाने पहुंचकर बारिश के बीच गेट पर धरना प्रदर्शन किया और बस चालक की गिरफ्तारी की मांग की। 

 घटना 29 अप्रैल बुधवार की है, जब पकरडीहा गांव निवासी आनंद राजभर (14 वर्ष), पुत्र फिरतू राजभर, जो पटेल मेमोरियल इंटर कॉलेज में कक्षा 9 का छात्र था, सुबह स्कूल जाते समय गोरहरपुर गांव के पास एक स्कूली बस की चपेट में आ गया। हादसे में छात्र की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने बस और चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। हालांकि, पांच दिन बीत जाने के बाद भी चालक की गिरफ्तारी न होने से परिजन और ग्रामीण नाराज हो गए। परिजनों का आरोप है कि मामले में राजनीतिक दबाव के कारण ढिलाई बरती जा रही है। उनका यह भी कहना है कि हादसा सामान्य नहीं बल्कि सुनियोजित हो सकता है और बस चालक ने दुर्घटना के बाद धमकी भी दी थी। सोमवार दोपहर लगभग 1 बजे तेज बारिश और आंधी के बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण थाने पहुंचे और गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। मौके पर उप जिलाधिकारी अभय राज पांडे और क्षेत्राधिकारी कौस्तुभ त्रिपाठी ने ग्रामीणों और परिजनों से बातचीत की तथा निष्पक्ष एवं उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। पीड़ित परिवार ने प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें बस चालक की तत्काल गिरफ्तारी, एक परिजन को सरकारी नौकरी, एक करोड़ रुपये आर्थिक सहायता और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास की मांग की गई है।  एसडीएम ने बताया कि ज्ञापन को शासन को भेजा जाएगा और नियमानुसार जो भी सहायता संभव होगी, उसे उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मामले में मुकदमा दर्ज है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है, हालांकि प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।