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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

UP में 2 बार भूकंप के झटके: गोरखपुर-गाजियाबाद में लोग घरों से निकले पहला 4.9, दूसरा 6.3 तीव्रता का

 

लखनऊ। यूपी के गोरखपुर, लखनऊ, कानपुर, बरेली, वाराणसी, प्रयागराज, गाजियाबाद, मुरादाबाद सहित कई जिलों में मंगलवार रात दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। पहला भूकंप रात 8:52 बजे आया। लखनऊ और बरेली में पहला भूकंप आया। इसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.9 था। वहीं दूसरा भूकंप रात 1:57 बजे महसूस किया गया। इसकी तीव्रता 6.3 थी। ये भूकंप लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, बरेली, गोरखपुर में महसूस किया गया। दूसरा भूकंप काफी तेज था। लोग घरों से बाहर निकल आए।

​​नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, इसका केंद्र उत्तराखंड के पास नेपाल का कालूखेती रहा। वहीं, भूकंप जमीन से 10 किलोमीटर नीचे था। वहीं, आधी रात अचानक भूकंप के झटकों से कई लोग घरों से बाहर निकलकर सड़कों पर आ गए। दहशत की वजह से काफी देर तक लोग रात में सड़कों पर ही खड़े दिखाई दिए। मंगलवार की रात 8 बजकर 52 मिनट पर लखनऊ समेत कई हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। इसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.9 मापी गई थी। इसका केंद्र भी उत्तराखंड में भारत-नेपाल सीमा पर जमीन से 10 किलोमीटर नीचे था।

आधी रात अचानक भूकंप के झटकों से कई लोग घरों से बाहर निकलकर सड़कों पर आ गए। बड़े भूकंप से पहले भी फोर शॉक आते हैं पर यह भी ऐसा है, नहीं कहा जा सकता है। वैसे प्लेट गति के कारण तनाव तो निरंतर जमा हो रहा है, और वह बहुत से छोटे- छोटे भूकंपों रिलीज नहीं होने वाला। यानी एक बड़ा भूकंप गंगा के मैदान में आशंकित है, लेकिन कब, यह कोई नहीं बता सकता। यूपी में इससे पहले 20 अगस्त की रात 1.12 बजे भूकंप आया था। भूकंप के झटके लखनऊ, सीतापुर, बहराइच, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी गोरखपुर में महसूस किए गए थे। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.2 मापी है। भूकंप का केंद्र लखनऊ से 139 किलोमीटर दूर उत्तर-उत्तर पूर्व में नेपाल और बहराइच सीमा पर भेरी में रहा। गहराई जमीन से 82 किलोमीटर नीचे थी। वहीं, 6 जनवरी की रात 11:59 बजे भी भूकंप आया था। अयोध्या, लखनऊ, गोरखपुर समेत यूपी के कई शहरों में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। इसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.3 मापी गई थी। भूकंप का केंद्र, यूपी से करीब 400 किमी. दूर नेपाल का बागलंग में रहा। केंद्र जमीन से 15 किमी. अंदर रहा।पहला भूकंप मंगलवार की रात 8:52 बजे आया। इसकी तीव्रता 4.9 थी। झटके लखनऊ और बरेली में महसूस किए गए।रात 1:57 बजे आए भूकंप का केंद्र उत्तराखंड में भारत-नेपाल सीमा पर कालूखेती में जमीन से 10 किलोमीटर नीचे था। इसके झटके लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, बरेली, गोरखपुर में महसूस किए गए। भू-वैज्ञानिकों का कहना है कि भूकंप का खतरा हर जगह अलग-अलग होता है। इस खतरे के हिसाब से देश या प्रदेश को चार हिस्सों में बांटा गया है। जोन-2, जोन-3, जोन-4 और जोन-5 नाम दिया गया है। सबसे कम खतरे वाला जोन-2 है। सबसे ज्यादा खतरे वाला जोन-5 है।

जोन- 4 : सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बागपत, बिजनौर, मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, रामपुर, मुरादाबाद, बुलंदशहर, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, कुशीनगर, पीलीभीत, सहारनपुर, लखीमपुर खीरी, बदायूं, बहराइच, गोंडा, मथुरा, अलीगढ़, बरेली, बस्ती, संतकबीरनगर, देवरिया और बलिया जिला भूकंप के हाईरिस्क में रहते हैं। यानी यहां सबसे ज्यादा खतरा है।

जोन- 3: सोनभद्र, चंदौली, गाजीपुर, वाराणसी, जौनपुर, आजमगढ़, गोरखपुर, सुल्तानपुर, रायबरेली, अयोध्या, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर, हरदोई, कन्नौज, मैनपुरी, फिरोजाबाद, एटा, फर्रुखाबाद, मिर्जापुर। यह जोन-3 में हैं।

जोन-2: ललितपुर, झांसी, महोबा, बांदा, कौशांबी, प्रयागराज के अलावा आगरा, इटावा, औरैया, कानपुर नगर, फतेहपुर, प्रतापगढ़ भूकंप के जोन-2 में है।



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