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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

नाबालिग लड़की का अपहरण कर दुष्कर्म के आरोपी को आजीवन कारावास

1.5 लाख रुपये का जुर्माना, 2018 में रौनापार क्षेत्र में हुई थी घटना

आजमगढ़। नाबालिग लड़की का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने एक आरोपी को आजीवन कारावास तथा डेढ़ लाख रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। यह फैसला विशेष न्यायाधीश पाक्सो कोर्ट रवीश कुमार अत्री की अदालत ने शुक्रवार को सुनाया। घटना वर्ष 218 में रौनापार थाना क्षेत्र में कारित हुई थी।

अभियोजन की कहानी के अनुसार आरोपी मोहन पुत्र मोतीचंद निवासी बिशनपुरा थाना नगरा जनपद बलिया की बहन की शादी रौनापार थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई थी। मोहन घटना से लगभग एक वर्ष पूर्व से अपने बहन के घर पर ही रह रहा था। आरोपी मोहन ने 26 अगस्त 2018 को दिन में पीड़िता को बहला फुसला कर लखनऊ तथा बलिया ले गया। इस दौरान उसने 15 दिन तक पीड़िता के साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया। इस मामले में पीड़ित पक्ष द्वारा रौनापार थाना में एफआईआर दर्ज कराई गयी। पुलिस ने इस मामले की जांच के बाद आरोपी मोहन के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित की। अभियोजन पक्ष की तरफ से विशेष लोक अभियोजक अवधेश कुमार मिश्र ने पीड़िता समेत कुल पांच गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास तथा डेढ़ लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

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