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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

Azammgarh:उसरी कांड में गाजीपुर एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश हुए माफिया बृजेश सिंह

आजमगढ़। 21 वर्ष पूर्व हुए बहुचर्चित उसरी चट्टी कांड के आरोपी माफिया बृजेश सिंह कड़ी सुरक्षा के बीच मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम /एमपी-एमएलए कोर्ट रामसुधार सिंह की अदालत में पेश हुए। इस मामले में अभियोजन की तरफ से गवाह रमेश राम की गवाही पहले ही दर्ज कराई जा चुकी है। आज रमेश राम की गवाही पर ही कोर्ट में जिरह हो रही है।

 बता दें कि 15 जुलाई 2001 को मुख्तार अंसारी अपने निर्वाचन क्षेत्र मऊ जा रहे थे। इसी बीच दिन के करीब 12.30 बजे मोहम्मदाबाद के उसरी चट्टी पर उनके काफिके स्वचालित हथियारों से हमला हुआ था। इस दौरान दोनों पक्षों में अंधाधुंध फायरिंग हुई थी। फायरिंग में मुख्तार अंसारी के सरकारी गनर रामचंदर उर्फ प्रदीप की मौके पर मौत हो गई थी। जबकि घायल रुस्तम उर्फ बाबू ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। इस वारदात में हमलावर पक्ष से एक की मौत हो गई थी। फायरिंग की इस घटना में मुख्तार अंसारी के साथ चलने वाले लोगों को भी चोट आई थी। इस मामले में विधायक मुख्तार अंसारी ने बृजेश सिंह व त्रिभुवन सिंह को नामजद करते अन्य 15 अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई थी। विवेचना के बाद पुलिस ने चार लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया था। जिसमें से दो आरोपित की मुकदमें की सुनवाई के दौरान ही मौत हो चुकी है। आरोपियों में अब त्रिभुवन सिंह व बृजेश सिंह बचे हैं। हाल ही में त्रिभुवन सिंह इस मामले में कोर्ट में पेश हुए थे। इस मामले में अभियोजन की तरफ से गवाह रमेश राम की गवाही भी दर्ज कराई जा चुकी है। मंगलवार को माफिया बृजेश सिंह कड़ी सुरक्षा के बीच एमपी-एमएलए कोर्ट रामसुधार सिंह की अदालत में पेश हुए। आज अदालत में रमेश राम की गवाही पर जिरह हो रही है।

 

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