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खास खबर

बारिश बनी जानलेवा: लालगंज में दीवार ढहने से एक की मौत

अहरौला में बारजा गिरा चार घायल, पवई में कच्चे मकान की दीवार गिरी आजमगढ़। जिले में लगातार हो रही बारिश अब जानलेवा साबित होने लगी है। बृहस्पतिवार को अहरौला, लालगंज और पवई में बारिश के कारण तीन अलग-अलग हादसे हुए। इनमें लालगंज में कच्ची दीवार गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि अहरौला में मकान का बारजा गिरने से चार लोग घायल हो गए। पवई में कच्चे मकान की दीवार ढहने से बड़ा हादसा टल गया। अहरौला थाना क्षेत्र के पारा फुलवरिया बाजार में इकबाल पुत्र माजिज के दो मंजिला मकान का बारजा अचानक गिर पड़ा। नीचे संचालित जनरल स्टोर पर उस समय ग्राहक मौजूद थे। हादसे में एक ग्राहक और उसकी माता को हल्की चोटें आईं, जबकि इकबाल के साडू अकबर की पुत्रियां रेशमा समेत दो बच्चियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। स्थानीय लोगों ने मलबे में दबे घायलों को बाहर निकालकर निजी अस्पतालों में भर्ती कराया। बारजा गिरने से जनरल स्टोर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और दुकानदार को लगभग 50 हजार रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान है। उधर, लालगंज थाना क्षेत्र के बेरवा विशंभरपुर गांव में लगातार बारिश के कारण कच्ची दीवार भरभराकर गिर गई...

Azammgarh:उसरी कांड में गाजीपुर एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश हुए माफिया बृजेश सिंह

आजमगढ़। 21 वर्ष पूर्व हुए बहुचर्चित उसरी चट्टी कांड के आरोपी माफिया बृजेश सिंह कड़ी सुरक्षा के बीच मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम /एमपी-एमएलए कोर्ट रामसुधार सिंह की अदालत में पेश हुए। इस मामले में अभियोजन की तरफ से गवाह रमेश राम की गवाही पहले ही दर्ज कराई जा चुकी है। आज रमेश राम की गवाही पर ही कोर्ट में जिरह हो रही है।

 बता दें कि 15 जुलाई 2001 को मुख्तार अंसारी अपने निर्वाचन क्षेत्र मऊ जा रहे थे। इसी बीच दिन के करीब 12.30 बजे मोहम्मदाबाद के उसरी चट्टी पर उनके काफिके स्वचालित हथियारों से हमला हुआ था। इस दौरान दोनों पक्षों में अंधाधुंध फायरिंग हुई थी। फायरिंग में मुख्तार अंसारी के सरकारी गनर रामचंदर उर्फ प्रदीप की मौके पर मौत हो गई थी। जबकि घायल रुस्तम उर्फ बाबू ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। इस वारदात में हमलावर पक्ष से एक की मौत हो गई थी। फायरिंग की इस घटना में मुख्तार अंसारी के साथ चलने वाले लोगों को भी चोट आई थी। इस मामले में विधायक मुख्तार अंसारी ने बृजेश सिंह व त्रिभुवन सिंह को नामजद करते अन्य 15 अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई थी। विवेचना के बाद पुलिस ने चार लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया था। जिसमें से दो आरोपित की मुकदमें की सुनवाई के दौरान ही मौत हो चुकी है। आरोपियों में अब त्रिभुवन सिंह व बृजेश सिंह बचे हैं। हाल ही में त्रिभुवन सिंह इस मामले में कोर्ट में पेश हुए थे। इस मामले में अभियोजन की तरफ से गवाह रमेश राम की गवाही भी दर्ज कराई जा चुकी है। मंगलवार को माफिया बृजेश सिंह कड़ी सुरक्षा के बीच एमपी-एमएलए कोर्ट रामसुधार सिंह की अदालत में पेश हुए। आज अदालत में रमेश राम की गवाही पर जिरह हो रही है।

 

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