सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

खास खबर

घूस लेते लेखपाल का वीडियो वायरल

कैंसर पीड़ित से 50 हजार वसूलने का आरोप आजमगढ़। मार्टीनगंज तहसील में तैनात एक लेखपाल का घूस लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामले में पीड़ित ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। बताया जा रहा है कि यह मामला क्षेत्र के दुबरा गांव का है। गांव निवासी कैंसर पीड़ित सदरुद्दीन ने आरोप लगाया है कि जमीन का पट्टा दिलाने के नाम पर लेखपाल ने उससे कई किस्तों में करीब 50 हजार रुपये वसूल लिए, लेकिन अब तक पट्टा नहीं किया गया। हाल ही में लेखपाल द्वारा घूस लेते हुए एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पीड़ित सदरुद्दीन ने बुधवार को जिलाधिकारी से मिलकर मामले की शिकायत की और न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने आरोप लगाया कि बीमारी की हालत में भी उनसे पैसे लिए गए, लेकिन काम नहीं किया गया। गौरतलब है कि इससे पहले भी इसी तहसील में तैनात कानूनगो जयप्रकाश को एंटी करप्शन टीम ने पांच हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था, जिससे तहसील में भ्रष्टाचार के आरोपों को और बल मिल रहा है। इस संबंध में एसडीएम दिव्या सिकरवार ने बताया कि मामल...

Azammgarh:उसरी कांड में गाजीपुर एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश हुए माफिया बृजेश सिंह

आजमगढ़। 21 वर्ष पूर्व हुए बहुचर्चित उसरी चट्टी कांड के आरोपी माफिया बृजेश सिंह कड़ी सुरक्षा के बीच मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम /एमपी-एमएलए कोर्ट रामसुधार सिंह की अदालत में पेश हुए। इस मामले में अभियोजन की तरफ से गवाह रमेश राम की गवाही पहले ही दर्ज कराई जा चुकी है। आज रमेश राम की गवाही पर ही कोर्ट में जिरह हो रही है।

 बता दें कि 15 जुलाई 2001 को मुख्तार अंसारी अपने निर्वाचन क्षेत्र मऊ जा रहे थे। इसी बीच दिन के करीब 12.30 बजे मोहम्मदाबाद के उसरी चट्टी पर उनके काफिके स्वचालित हथियारों से हमला हुआ था। इस दौरान दोनों पक्षों में अंधाधुंध फायरिंग हुई थी। फायरिंग में मुख्तार अंसारी के सरकारी गनर रामचंदर उर्फ प्रदीप की मौके पर मौत हो गई थी। जबकि घायल रुस्तम उर्फ बाबू ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। इस वारदात में हमलावर पक्ष से एक की मौत हो गई थी। फायरिंग की इस घटना में मुख्तार अंसारी के साथ चलने वाले लोगों को भी चोट आई थी। इस मामले में विधायक मुख्तार अंसारी ने बृजेश सिंह व त्रिभुवन सिंह को नामजद करते अन्य 15 अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई थी। विवेचना के बाद पुलिस ने चार लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया था। जिसमें से दो आरोपित की मुकदमें की सुनवाई के दौरान ही मौत हो चुकी है। आरोपियों में अब त्रिभुवन सिंह व बृजेश सिंह बचे हैं। हाल ही में त्रिभुवन सिंह इस मामले में कोर्ट में पेश हुए थे। इस मामले में अभियोजन की तरफ से गवाह रमेश राम की गवाही भी दर्ज कराई जा चुकी है। मंगलवार को माफिया बृजेश सिंह कड़ी सुरक्षा के बीच एमपी-एमएलए कोर्ट रामसुधार सिंह की अदालत में पेश हुए। आज अदालत में रमेश राम की गवाही पर जिरह हो रही है।

 

सर्वाधिक पढ़ीं गईं