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हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

Azamgarh: रक्षा बंधन पर भद्रा का साया:11 अगस्त की रात 8.30 बजे तक रहेगी भद्रा, जानिए रक्षा सूत्र बांधने के शुभ मुहूर्त

अगले सप्ताह गुरुवार, 11 अगस्त को सावन माह की अंतिम तिथि पूर्णिमा और रक्षा बंधन है। इस साल रक्षा बंधन पर पूरे दिन भद्रा का साया रहने वाला है। भद्रा के समय में रक्षा सूत्र नहीं बांधने की सलाह ज्योतिषियों द्वारा दी जाती है।
 ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक रक्षा बंधन पर भद्रा हो तो रक्षा सूत्र बांधने के लिए उस समय को छोड़ देना चाहिए। इस बार सावन पूर्णिमा 11 अगस्त की सुबह 11.08 बजे शुरू होगी। पूर्णिमा अगले दिन यानी 12 अगस्त की सुबह 7.16 बजे तक रहेगी। इसके बाद भाद्रपद मास की प्रतिपदा तिथि शुरू हो जाएगी। पंचांग भेद की वजह से कई क्षेत्रों में 12 अगस्त को भी रक्षा बंधन पर्व मनाया जाएगा।
 सूर्योदय से पूर्णिमा तिथि तीन मुहूर्त से भी कम समय तक रहेगी। इसलिए रक्षा बंधन का पर्व 11 अगस्त को मनाना ज्यादा शुभ रहेगा। 11 अगस्त को दिनभर भद्रा रहने वाली है। भद्रा रात 8.30 बजे खत्म होगी। इसके बाद ही रक्षा सूत्र बांधना चाहिए। इस दिन रात में 8.30 बजे से 9.55 बजे तक चर का चौघड़िया रहेगा। इस समय में रक्षा सूत्र बांधना ज्यादा शुभ रहेगा।

रक्षा बंधन पर ऐसे बनाएं वैदिक रक्षा सूत्र

सावन माह की पूर्णिमा पर सुबह स्नान के बाद देवी-देवताओं की पूजा करें। पितरों का तर्पण करें। इस दिन रात में 8.30 बजे के बाद सूती या रेशमी पीले कपड़े सरसों, केसर, चंदन, चावल, दूर्वा और सिक्का रखकर बांध लें। घर के मंदिर एक कलश की स्थापित करें और उस पर वैदिक रक्षा सूत्र रखें। विधिवत पूजा करें। पूजा के बाद अपनी बहन से या किसी ब्राह्मण से वैदिक रक्षा सूत्र अपने दाहिने हाथ में बंधवा लेना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि ये रक्षा सूत्र सालभर तक हमारी रक्षा करता है।

रक्षा बंधन पर ऐसी रहेगी ग्रहों की स्थिति

रक्षा बंधन पर गुरु मीन राशि में वक्री रहेगा। चंद्र शनि के साथ मकर राशि में रहेगा। इन ग्रहों की युति से विष योग बनता है। गुरु की दृष्टि सूर्य पर रहेगी, सूर्य की शनि पर एवं शनि की गुरु पर दृष्टि रहेगी। ग्रहों के इन योगों में हमें अतिरिक्त सावधानी रखनी चाहिए। छोटी सी लापरवाही भी नुकसान करा सकती है।

सावन पूर्णिमा पर कर सकते हैं ये शुभ काम

पूर्णिमा पर जरूरतमंद लोगों को नए कपड़ों का, जूते-चप्पल, छाते का दान करना चाहिए। मंदिर में पूजन सामग्री भेंट करें। किसी गौशाला में गायों की देखभाल के लिए दान करें। सुबह सबसे पहले गणेश जी की पूजा करें। हनुमान जी के सामने धूप-दीप जलाएं, हनुमान चालीसा, सुंदरकांड या हनुमान जी मंत्रों का जप करें। शिव जी का जल और दूध से अभिषेक करें।

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