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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

Azamgarh: रक्षा बंधन पर भद्रा का साया:11 अगस्त की रात 8.30 बजे तक रहेगी भद्रा, जानिए रक्षा सूत्र बांधने के शुभ मुहूर्त

अगले सप्ताह गुरुवार, 11 अगस्त को सावन माह की अंतिम तिथि पूर्णिमा और रक्षा बंधन है। इस साल रक्षा बंधन पर पूरे दिन भद्रा का साया रहने वाला है। भद्रा के समय में रक्षा सूत्र नहीं बांधने की सलाह ज्योतिषियों द्वारा दी जाती है।
 ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक रक्षा बंधन पर भद्रा हो तो रक्षा सूत्र बांधने के लिए उस समय को छोड़ देना चाहिए। इस बार सावन पूर्णिमा 11 अगस्त की सुबह 11.08 बजे शुरू होगी। पूर्णिमा अगले दिन यानी 12 अगस्त की सुबह 7.16 बजे तक रहेगी। इसके बाद भाद्रपद मास की प्रतिपदा तिथि शुरू हो जाएगी। पंचांग भेद की वजह से कई क्षेत्रों में 12 अगस्त को भी रक्षा बंधन पर्व मनाया जाएगा।
 सूर्योदय से पूर्णिमा तिथि तीन मुहूर्त से भी कम समय तक रहेगी। इसलिए रक्षा बंधन का पर्व 11 अगस्त को मनाना ज्यादा शुभ रहेगा। 11 अगस्त को दिनभर भद्रा रहने वाली है। भद्रा रात 8.30 बजे खत्म होगी। इसके बाद ही रक्षा सूत्र बांधना चाहिए। इस दिन रात में 8.30 बजे से 9.55 बजे तक चर का चौघड़िया रहेगा। इस समय में रक्षा सूत्र बांधना ज्यादा शुभ रहेगा।

रक्षा बंधन पर ऐसे बनाएं वैदिक रक्षा सूत्र

सावन माह की पूर्णिमा पर सुबह स्नान के बाद देवी-देवताओं की पूजा करें। पितरों का तर्पण करें। इस दिन रात में 8.30 बजे के बाद सूती या रेशमी पीले कपड़े सरसों, केसर, चंदन, चावल, दूर्वा और सिक्का रखकर बांध लें। घर के मंदिर एक कलश की स्थापित करें और उस पर वैदिक रक्षा सूत्र रखें। विधिवत पूजा करें। पूजा के बाद अपनी बहन से या किसी ब्राह्मण से वैदिक रक्षा सूत्र अपने दाहिने हाथ में बंधवा लेना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि ये रक्षा सूत्र सालभर तक हमारी रक्षा करता है।

रक्षा बंधन पर ऐसी रहेगी ग्रहों की स्थिति

रक्षा बंधन पर गुरु मीन राशि में वक्री रहेगा। चंद्र शनि के साथ मकर राशि में रहेगा। इन ग्रहों की युति से विष योग बनता है। गुरु की दृष्टि सूर्य पर रहेगी, सूर्य की शनि पर एवं शनि की गुरु पर दृष्टि रहेगी। ग्रहों के इन योगों में हमें अतिरिक्त सावधानी रखनी चाहिए। छोटी सी लापरवाही भी नुकसान करा सकती है।

सावन पूर्णिमा पर कर सकते हैं ये शुभ काम

पूर्णिमा पर जरूरतमंद लोगों को नए कपड़ों का, जूते-चप्पल, छाते का दान करना चाहिए। मंदिर में पूजन सामग्री भेंट करें। किसी गौशाला में गायों की देखभाल के लिए दान करें। सुबह सबसे पहले गणेश जी की पूजा करें। हनुमान जी के सामने धूप-दीप जलाएं, हनुमान चालीसा, सुंदरकांड या हनुमान जी मंत्रों का जप करें। शिव जी का जल और दूध से अभिषेक करें।

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