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खास खबर

घूस लेते लेखपाल का वीडियो वायरल

कैंसर पीड़ित से 50 हजार वसूलने का आरोप आजमगढ़। मार्टीनगंज तहसील में तैनात एक लेखपाल का घूस लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामले में पीड़ित ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। बताया जा रहा है कि यह मामला क्षेत्र के दुबरा गांव का है। गांव निवासी कैंसर पीड़ित सदरुद्दीन ने आरोप लगाया है कि जमीन का पट्टा दिलाने के नाम पर लेखपाल ने उससे कई किस्तों में करीब 50 हजार रुपये वसूल लिए, लेकिन अब तक पट्टा नहीं किया गया। हाल ही में लेखपाल द्वारा घूस लेते हुए एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पीड़ित सदरुद्दीन ने बुधवार को जिलाधिकारी से मिलकर मामले की शिकायत की और न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने आरोप लगाया कि बीमारी की हालत में भी उनसे पैसे लिए गए, लेकिन काम नहीं किया गया। गौरतलब है कि इससे पहले भी इसी तहसील में तैनात कानूनगो जयप्रकाश को एंटी करप्शन टीम ने पांच हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था, जिससे तहसील में भ्रष्टाचार के आरोपों को और बल मिल रहा है। इस संबंध में एसडीएम दिव्या सिकरवार ने बताया कि मामल...

Azamgarh: सपा विधायक रमाकांत यादव को जज ने भेजा जेल

पुराने मामले में जमानत को पहुंचे थी दीवानी न्यायालय

फूलपुर-पवई सीट से हैं समाजवादी पार्टी के विधायक

आजमगढ़। पूर्व सांसद व फूलपुर/पवई सीट से सपा विधायक रमाकांत यादव को कोर्ट के आदेश पर सोमवार को जेल भेज दिया गया। एक पुराने मामले में जमानत के लिए सपा विधायक दीवानी न्यायालय पहुंचे थे। जज ने जमानत देने के बजाय उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया।

  बताते चलें कि 1998 के लोकसभा चुनाव के दौरान अंबारी चौकी के पास आजमगढ़ सदर सीट से सपा प्रत्याशी रमाकांत यादव और बसपा प्रत्याशी के समर्थक आमने-सामने हो गए थे। दोनों पक्षों की ओर से जमकर गोलीबारी हुई  थी। हालांकि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ था।  घटना के बाबत तत्कालीन अंबारी चौकी प्रभारी ने मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें उन्होंने बताया था कि बसपा प्रत्याशी अकबर अहमद डंपी छह से अधिक वाहनों से अंबारी चौक पर पहुंचे और सपा प्रत्याशी रमाकांत के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी देने लगे। कुछ ही देर बाद दीदारगंज की तरफ से रमाकांत व उमाकांत यादव भी अपने समर्थकों के साथ पहुंच गए। इसके बाद दोनों पक्षों में जमकर फायरिंग हुई। चौकी प्रभारी अंबारी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ और आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। लेकिन इस प्रकरण में नामजद किए गए किसी भी व्यक्ति ने जमानत नहीं कराया। जबकि कोर्ट से गैरजमानती वारंट जारी हुआ था। जिसमें पूर्व सांसद व वर्तमान विधायक फूलपुर-पवई भी शामिल थे। सोमवार को वो जमानत के लिए कोर्ट पहुंचे थे। जहां से उन्हें जमानत तो नहीं मिली लेकिन कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने उन्हें न्यायालय से ही जेल भेज दिया।

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