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समाजसेवियों ने किया पौधरोपण, वनवासी बस्तियों में फल व अध्ययन सामग्री बांटी

तहसील, अस्पताल और वनवासी बस्तियों में चला अभियान बच्चों को पढ़ाई के लिए किया प्रेरित आजमगढ़ । लालगंज विकासखंड के खनियरा गांव निवासी समाजसेवी एवं अधिवक्ता सौरभ सिंह तथा समाजसेवी धीरज सिंह के नेतृत्व में शुक्रवार को मुसाफिरगंज, तहसील परिसर और वनवासी बस्तियों में पौधरोपण एवं फल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान उनके मित्रों और वरिष्ठ अधिवक्ताओं की भी सहभागिता रही। कार्यक्रम की शुरुआत मुसाफिरगंज में पौधरोपण से हुई। इसके बाद दी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नागेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह खन्ना सहित अन्य वरिष्ठ अधिवक्ताओं की उपस्थिति में तहसील परिसर में आम और अमरूद के पौधे लगाए गए। पौधरोपण के उपरांत सौरभ सिंह ने 100 शैया संयुक्त चिकित्सालय लालगंज तथा लालगंज और खनियरा की वनवासी बस्तियों में फल वितरित किए। साथ ही बच्चों को केक खिलाया तथा कॉपी, कलम और पुस्तकें देकर शिक्षा के प्रति जागरूक किया। इस अवसर पर अधिवक्ता संतोष सिंह, देवेंद्र पांडे, अंकुर मिश्रा, विनय चतुर्वेदी, पंकज मिश्रा, विवेक सोनकर, दुनाल सिंह, जन्मेजय दुबे, हर्षवर्धन सिंह, अनूप पांडे, ज्वाला सिंह, अनुराग सिंह, मोहम्मद आमिर, ...

शतचंडी महायज्ञ : आचार्य ने बताया शक्ति उपासना का महत्व

धर्म को मानवता और लोककल्याण से जोड़ने का दिया संदेश

ठेकमा। पसीका स्थित प्राचीन काली मंदिर परिसर में आयोजित श्री शतचंडी महायज्ञ एवं श्रीमद् देवी भागवत कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। कथा के दौरान कथावाचक आचार्य राजमणि ने मां भगवती की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि शतचंडी महायज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देने वाला महापर्व है।
उन्होंने कहा कि मां चंडी की आराधना से भय, रोग और संकटों का नाश होता है तथा व्यक्ति में आत्मबल, सद्बुद्धि और धर्म के प्रति आस्था बढ़ती है। श्रद्धालुओं से सत्य, सेवा, संस्कार और सदाचार को जीवन में अपनाने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि धर्म तभी सार्थक है, जब वह मानवता और लोककल्याण से जुड़ा हो। यज्ञ मंडप में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन संपन्न हुआ, जबकि कथा पंडाल में श्रद्धालु भक्ति भाव से कथा श्रवण करते रहे। मंदिर परिसर जयकारों और भजनों से गुंजायमान रहा। आयोजन समिति के अनुसार महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान, कथा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें क्षेत्र के बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं।

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