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खास खबर

तहबरपुर में अवैध क्लीनिक सील

गर्भवती महिला की मौत के बाद कार्रवाई आजमगढ़ । तहबरपुर विकासखंड के मंझारी मार्केट में अवैध रूप से संचालित एक निजी क्लिनिक पर स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। यह कार्रवाई एक गर्भवती महिला की उपचार के दौरान मौत के बाद की गई, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।   मंझारी मार्केट में रंजना प्रजापति द्वारा बिना वैध पंजीकरण और निर्धारित मानकों के एक निजी क्लिनिक/हॉस्पिटल का संचालन किया जा रहा था। आरोप है कि उक्त क्लिनिक में एक गर्भवती महिला का इलाज किया गया, जिसके बाद अत्यधिक रक्तस्राव के चलते उसकी हालत गंभीर हो गई। परिजन उसे आनन-फानन में शहर के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. उमाशरण पांडेय ने मामले का तत्काल संज्ञान लिया। उनके निर्देश पर डिप्टी सीएमओ एवं नोडल निजी चिकित्सा प्रतिष्ठान डॉ. आलेन्द कुमार को प्रभारी चिकित्साधिकारी तहबरपुर की टीम के साथ मौके पर जांच के लिए भेजा गया। जांच में क्लिनिक पूरी तरह अपंजीकृत पाया गया। वहां चिकित्सा संबंधी आवश्यक ...

अपराध की कमाई से खड़ी ‘बड़ी हवेली’ पर चला प्रशासन का बुलडोजर

78 मुकदमों वाला माफिया फिर निशाने पर

आजमगढ़। प्रदेश स्तर पर चिह्नित माफिया ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू सिंह के खिलाफ पुलिस-प्रशासन ने एक बार फिर सख्त कार्रवाई करते हुए करीब डेढ़ करोड़ रुपये मूल्य की अवैध संपत्ति कुर्क कर दी। इसके साथ ही अब तक माफिया की कुल 22 करोड़ 5 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है, जिससे उसके आर्थिक नेटवर्क पर लगातार प्रहार किया जा रहा है।

यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी नगर शुभम तोदी की मौजूदगी में की गई। गैंगस्टर एक्ट के तहत थाना जीयनपुर और कोतवाली में दर्ज मामलों में धारा 14(1) के अंतर्गत कुर्की की कार्रवाई अमल में लाई गई।
अपर पुलिस अ​धीक्षक चिराग जैन ने बताया कि ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुटू सिंह, निवासी छपरा सुल्तानपुर (थाना जीयनपुर), हिस्ट्रीशीटर (138A) और गैंग नंबर IR-36 का सरगना है। उसके खिलाफ हत्या, लूट, डकैती, रंगदारी, धोखाधड़ी समेत संगठित अपराधों के कुल 78 मुकदमे दर्ज हैं, जो उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि की गंभीरता को दर्शाते हैं। जांच में सामने आया कि माफिया ने अवैध कमाई से गांव स्थित लगभग 23 वर्ष पुराने भवन का व्यापक जीर्णोद्धार कराया था, जिसे ‘बड़ी हवेली’ के नाम से जाना जाता है। यह हवेली गैंग के अपराधियों का अड्डा बन चुकी थी, जहां रंगदारी की रकम का बंटवारा और आपराधिक साजिशें रची जाती थीं। लोक निर्माण विभाग द्वारा भवन का मूल्यांकन कराने के बाद संयुक्त निदेशक अभियोजन ने अपने विधिक अभिमत में स्पष्ट किया कि संपत्ति के निर्माण और मरम्मत के लिए कोई वैध आय का स्रोत नहीं मिला। इसके आधार पर सक्षम प्राधिकारी ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्की का आदेश जारी किया। तहसीलदार सगड़ी को संपत्ति का प्रशासक नियुक्त करते हुए थाना जीयनपुर पुलिस और राजस्व विभाग को कार्रवाई पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, वर्ष 1992 से अब तक ध्रुव सिंह के खिलाफ आजमगढ़, मऊ, जौनपुर और लखनऊ सहित विभिन्न जनपदों में हत्या, अपहरण, रंगदारी, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट और धोखाधड़ी जैसे गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज हैं।

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