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ललही छठ माता की विधि-विधान से हुई पूजा

  ‘ललना जिए हजार बरिस...’ सोहर से गूंजे आंगन, पुत्र की सलामती को माताओं ने रखा ललही छठ का व्रत तिन्नी के चावल-पुड़ी का लगाया भोग, कुश की जुट्टी स्थापित कर की आराधना ; लोकगीतों में छलकी ममता आजमगढ़। ‘ललना जिए हजार बरिस, माई के एही अरमान...’ जैसे पारंपरिक सोहर और मंगलगीतों से रविवार को जिले के गांव से लेकर शहर तक के आंगन गूंज उठे। पुत्र की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और निरोगी जीवन की कामना को लेकर माताओं ने श्रद्धा और आस्था के साथ ललही छठ (हल षष्ठी) का व्रत रखा। दिनभर उपवास के बाद महिलाओं ने सामूहिक रूप से ललही छठ माता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और पुत्रों के मंगल की कामना की। नगर के अनंतपुरा, गुरूटोला, कोलघाट, लछिरामपुर, पुरानी कोतवाली समेत विभिन्न मोहल्लों में महिलाओं ने समूह बनाकर पूजा की। पूजा स्थल पर महिलाओं ने गोट बनाकर उसमें कुश की जुट्टी स्थापित की और पारंपरिक विधि से ललही छठ माता की आराधना की। तिन्नी के चावल और तिन्नी की पूड़ी का भोग लगाया गया। पूजन के बाद महिलाओं ने प्रसाद ग्रहण किया और एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं। पूजा के दौरान गूंजे पारंपरिक सोहर ने माहौल को भक्त...

जेल में बंदी की मौत, तीन दिन पहले ही चोरी के मामले में भेजा गया था कारागार

इलाज के लिए अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
मजिस्ट्रियल जांच और सीसीटीवी फुटेज खंगालने की मांग
आजमगढ़। मंडलीय जिला कारागार में बंद एक 24 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। युवक को चोरी के एक मामले में न्यायालय से जारी गैर-जमानती वारंट के आधार पर तीन दिन पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। शुक्रवार को जेल के भीतर अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने के बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद जेल प्रशासन, पुलिस और मृतक के परिजनों के बीच हलचल मच गई है।
मृतक की पहचान मऊ जनपद के दोहरीघाट थाना क्षेत्र स्थित नया चौक निवासी 24 वर्षीय विक्रम के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, जीयनपुर कोतवाली में दर्ज चोरी के एक पुराने मामले में उसके खिलाफ न्यायालय से गैर-जमानती वारंट जारी हुआ था। वारंट के अनुपालन में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे मंडलीय जिला कारागार भेज दिया गया था। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को जेल के भीतर अचानक विक्रम की तबीयत बिगड़ गई। जेल प्रशासन ने तत्काल प्राथमिक उपचार की व्यवस्था करते हुए उसे अस्पताल भिजवाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। उन्होंने युवक की मौत को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। परिजनों का कहना है कि विक्रम को जेल भेजे जाने से पहले किसी गंभीर बीमारी की शिकायत नहीं थी और वह पूरी तरह स्वस्थ था। ऐसे में अचानक हुई मौत पर स्वाभाविक रूप से संदेह पैदा हो रहा है। परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराई जाए। साथ ही जेल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित रखकर उसकी जांच कराई जाए, ताकि मौत से पहले की परिस्थितियों का सही पता चल सके। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच के बाद ही वास्तविक तथ्य सामने आएंगे और परिवार को न्याय मिल सकेगा। उधर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मौत के कारणों को लेकर कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आवश्यक चिकित्सकीय जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है और जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद जिला कारागार में बंदियों की स्वास्थ्य व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के नतीजों पर टिकी हैं, जिनसे विक्रम की मौत के कारणों पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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