सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

खास खबर

बीज वाला बाजरा खाने से एक ही परिवार के पांच लोग बीमार, दो की हालत गंभीर

कीटनाशक मिले बीज का आटा बनाकर खाया चिकित्सकों ने फूड प्वाइजनिंग की जताई आशंका आजमगढ़। ठेकमा क्षेत्र के कृतमलपुर गांव में बीज के लिए लाए गए बाजरा का आटा बनाकर खाने से एक ही परिवार के पांच लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सभी को बेहोशी की हालत में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ठेकमा पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने दो लोगों की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जबकि तीन अन्य का निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है।  कृतमलपुर निवासी जयराम यादव (70), उनकी पत्नी बेला देवी (65), सुमित्रा देवी (65), सुमन यादव (35) और शिवांगी यादव (20) सोमवार सुबह ठेकमा समिति से बीज के लिए उपलब्ध कराया गया बाजरा घर लाए थे। परिवार के लोगों ने उसका आटा पिसवाकर सुबह करीब 8 से 9 बजे भोजन तैयार कर खा लिया। दोपहर लगभग एक बजे सभी की तबीयत बिगड़ने लगी और वे बेहोश हो गए। घटना की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। परिजन और ग्रामीण सभी को तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ठेकमा ले गए। वहां चिकित्सकों ने जयराम यादव और बेला देवी की गंभीर हालत को देखते हुए बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल, आजमगढ़ रेफर कर दिया। वह...

विपक्ष पिछड़ों के मुद्दों पर सदन में मौन, बाहर करता है राजनीति : राजभर

2027 चुनाव, पिछड़ा वर्ग आरक्षण और सोनम वांगचुक मामले पर रखी सरकार की बात

आजमगढ़। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने रविवार को अतरौलिया स्थित निरीक्षण भवन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष सदन के बाहर पिछड़ों के हितों की बात करता है, लेकिन विधानसभा के भीतर उनके मुद्दों पर चुप्पी साध लेता है। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा, "सदन में गूंगे और बाहर चीखते हैं विपक्षी।"
राजभर ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव समय से पहले होने की सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि चुनाव आयोग अपने निर्धारित समय पर ही चुनाव कराएगा। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी हमेशा चुनावी मोड में रहती है और 24 घंटे जनता के बीच सक्रिय रहकर काम करती है। अखिलेश यादव द्वारा लगाए जाने वाले अवसरवादिता के आरोपों पर पलटवार करते हुए राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव स्वयं राजनीतिक हितों के लिए कई बार गठबंधन बदल चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी पिछड़ों की राजनीति केवल वोट बैंक के लिए करती है, जबकि उनके अधिकारों से जुड़े मुद्दों को सदन में प्रभावी ढंग से नहीं उठाती। कैबिनेट मंत्री ने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उसमें हिम्मत है तो विधानसभा में 27 प्रतिशत पिछड़ा वर्ग आरक्षण के उप-वर्गीकरण और रोहिणी आयोग की रिपोर्ट पर चर्चा कराए। उन्होंने सपा नेताओं के पुराने बयानों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं का राजभर, निषाद और मौर्य समाज के प्रति सम्मानजनक दृष्टिकोण नहीं रहा है। शिवपाल यादव पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि अलग पार्टी बनाकर भी उन्हें अपेक्षित जनसमर्थन नहीं मिला और अंततः समाजवादी पार्टी में विलय करना पड़ा। लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने के मुद्दे पर राजभर ने सरकार का बचाव करते हुए कहा कि डॉक्टरों की सलाह पर उनके स्वास्थ्य को देखते हुए प्रशासन ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस मामले पर भी राजनीति कर रहा है।

सर्वाधिक पढ़ीं गईं