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खास खबर

योजनाओं का झांसा देकर महिलाओं से ठगी, मुठभेड़ में आरोपी गिरफ्तार

बहन के साथ मिलकर वारदात करने का आरोप, नौ मुकदमे दर्ज आजमगढ़ । सरकारी योजनाओं और आवास का लाभ दिलाने का झांसा देकर महिलाओं से आभूषण व नकदी ठगने के आरोपी साहब राम (43) को कप्तानगंज पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, पासीपुर नहर पुलिया के पास घेराबंदी के दौरान आरोपी ने फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लगी। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मेहनाजपुर थाना क्षेत्र के बेला कलेशपुर उर्फ किशुनपुर निवासी साहब राम के कब्जे से पुलिस ने तमंचा, कारतूस, कथित तौर पर ठगी के आभूषण, 1,350 रुपये, मोबाइल और मोटरसाइकिल बरामद करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, एक अक्टूबर को कप्तानगंज और पांच अक्टूबर को कौड़िया बाजार में महिलाओं को योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर ठगी की गई थी। दोनों मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी की बहन नीरज उर्फ गुड्डी को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में साहब राम ने बहन के साथ मिलकर महिलाओं को रिश्तेदार बताकर विश्वास में लेने और आभूषण ठगने की बात स्वीकार की है। उसने कुछ आभूषण एक फेरीवाले ...

विपक्ष पिछड़ों के मुद्दों पर सदन में मौन, बाहर करता है राजनीति : राजभर

2027 चुनाव, पिछड़ा वर्ग आरक्षण और सोनम वांगचुक मामले पर रखी सरकार की बात

आजमगढ़। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने रविवार को अतरौलिया स्थित निरीक्षण भवन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष सदन के बाहर पिछड़ों के हितों की बात करता है, लेकिन विधानसभा के भीतर उनके मुद्दों पर चुप्पी साध लेता है। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा, "सदन में गूंगे और बाहर चीखते हैं विपक्षी।"
राजभर ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव समय से पहले होने की सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि चुनाव आयोग अपने निर्धारित समय पर ही चुनाव कराएगा। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी हमेशा चुनावी मोड में रहती है और 24 घंटे जनता के बीच सक्रिय रहकर काम करती है। अखिलेश यादव द्वारा लगाए जाने वाले अवसरवादिता के आरोपों पर पलटवार करते हुए राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव स्वयं राजनीतिक हितों के लिए कई बार गठबंधन बदल चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी पिछड़ों की राजनीति केवल वोट बैंक के लिए करती है, जबकि उनके अधिकारों से जुड़े मुद्दों को सदन में प्रभावी ढंग से नहीं उठाती। कैबिनेट मंत्री ने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उसमें हिम्मत है तो विधानसभा में 27 प्रतिशत पिछड़ा वर्ग आरक्षण के उप-वर्गीकरण और रोहिणी आयोग की रिपोर्ट पर चर्चा कराए। उन्होंने सपा नेताओं के पुराने बयानों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं का राजभर, निषाद और मौर्य समाज के प्रति सम्मानजनक दृष्टिकोण नहीं रहा है। शिवपाल यादव पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि अलग पार्टी बनाकर भी उन्हें अपेक्षित जनसमर्थन नहीं मिला और अंततः समाजवादी पार्टी में विलय करना पड़ा। लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने के मुद्दे पर राजभर ने सरकार का बचाव करते हुए कहा कि डॉक्टरों की सलाह पर उनके स्वास्थ्य को देखते हुए प्रशासन ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस मामले पर भी राजनीति कर रहा है।

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