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बाजबहादुर में पैतृक मकान विवाद में दो पक्ष आमने-सामने, दोनों ने दर्ज कराया मुकदमा

मरम्मत और निर्माण कार्य को लेकर हुआ विवाद, पुलिस ने शुरू की जांच आजमगढ़। शहर कोतवाली क्षेत्र के बाजबहादुर मोहल्ले में पैतृक मकान और निर्माण कार्य को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पहले पक्ष के मो. अनस पुत्र अब्दुल कुद्दूस ने आरोप लगाया कि 28 जुलाई को वह अपने पैतृक मकान की मरम्मत करा रहे थे। इसी दौरान पुराने विवाद को लेकर विपक्षी पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए निर्माण कार्य रुकवाने लगे। विरोध करने पर कुल्हाड़ी, लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से हमला कर दिया, जिससे वह और बीच-बचाव करने आए उनके परिजन घायल हो गए। आरोप है कि जाते समय विपक्षियों ने जान से मारने की धमकी भी दी। वहीं दूसरे पक्ष के मो. आमिर पुत्र अब्दुल सलाम ने अपनी तहरीर में कहा कि पैतृक मकान का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद विपक्षी पक्ष जबरन निर्माण कार्य करा रहा था। रोकने पर पहले से टांगी, लोहे की रॉड और ल...

Azamgarh: छेड़खानी के आरोपी को चार वर्ष का कठोर कारावास

आजमगढ़। बालिका के साथ छेड़खानी के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने एक दोषी को चार वर्ष के कठोर कारावास तथा 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। यह फैसला विशेष न्यायाधीश पाक्सो कोर्ट रवीश कुमार अत्री ने शनिवार को दिया। 

अभियोजन के अनुसार घटना सरायमीर के एक गांव की है। पीड़िता 27 जून 2014 को दोपहर लगभग एक बजे अपने पिता के लिए खाना लेकर सरायमीर बाजार जा रही थी। तभी पीड़िता के गांव का राममिलन सोनकर उसे पकड़कर झाड़ी में ले गया और छेड़खानी की। पीड़िता के शोर मचाने पर वहां से भाग गया। पुलिस से जांच पूरी करने के बाद चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत किया। अभियोजन पक्ष की तरफ से विशेष लोक अभियोजक अवधेश कुमार मिश्र ने पीड़िता, उसके पिता, महिला कांस्टेबल अंजना तिवारी, डा. मधु, हेड कांस्टेबल सूबेदार मिश्रा तथा अशोक कुमार मौर्य को बतौर गवाह न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी पाते हुए चार वर्ष के कठोर कारावास तथा अर्थदंड की सजा सुनाई।

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