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खास खबर

योजनाओं का झांसा देकर महिलाओं से ठगी, मुठभेड़ में आरोपी गिरफ्तार

बहन के साथ मिलकर वारदात करने का आरोप, नौ मुकदमे दर्ज आजमगढ़ । सरकारी योजनाओं और आवास का लाभ दिलाने का झांसा देकर महिलाओं से आभूषण व नकदी ठगने के आरोपी साहब राम (43) को कप्तानगंज पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, पासीपुर नहर पुलिया के पास घेराबंदी के दौरान आरोपी ने फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लगी। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मेहनाजपुर थाना क्षेत्र के बेला कलेशपुर उर्फ किशुनपुर निवासी साहब राम के कब्जे से पुलिस ने तमंचा, कारतूस, कथित तौर पर ठगी के आभूषण, 1,350 रुपये, मोबाइल और मोटरसाइकिल बरामद करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, एक अक्टूबर को कप्तानगंज और पांच अक्टूबर को कौड़िया बाजार में महिलाओं को योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर ठगी की गई थी। दोनों मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी की बहन नीरज उर्फ गुड्डी को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में साहब राम ने बहन के साथ मिलकर महिलाओं को रिश्तेदार बताकर विश्वास में लेने और आभूषण ठगने की बात स्वीकार की है। उसने कुछ आभूषण एक फेरीवाले ...

भाई की हत्या के दोषी को आजीवन कारावास

रुपये के बंटवारे के विवाद में छोटे भाई ने की थी बड़े भाई की हत्या
अदालत ने सुनाई उम्रकैद व 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा

आजमगढ़। हत्या के एक चर्चित मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-1 कमलापति ने आरोपी अंकित सिंह को आजीवन कारावास तथा 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। यह फैसला शुक्रवार को सुनाया गया। 

 अभियोजन के अनुसार बिलरियागंज थाना क्षेत्र के बरोही फत्तेपुर गांव में 16 अगस्त 2019 की रात करीब साढ़े आठ बजे जमीन बेचने से मिले रुपये के बंटवारे को लेकर दो सगे भाइयों में विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि छोटे भाई अंकित सिंह ने बड़े भाई अवनीश सिंह पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस दौरान अंकित की पत्नी रिम्मी उर्फ गोल्डी ने भी उसका साथ दिया। गंभीर रूप से घायल अवनीश को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद मृतक की पत्नी किरण ने देवर अंकित सिंह और देवरानी रिम्मी उर्फ गोल्डी के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच पूरी कर दोनों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई के दौरान रिम्मी उर्फ गोल्डी फरार हो गई, जिससे उसकी पत्रावली अलग कर दी गई। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी गोपाल पाण्डेय और संजीव सिंह ने आठ गवाहों को पेश किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी अंकित सिंह को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

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