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खास खबर

दो दिन से लापता किसान का शव नदी किनारे मिला, परिवार में मचा कोहराम

12 जुलाई से लापता था किसान, महुला-गढ़वल बांध के पास मिला शव पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत के कारण होंगे स्पष्ट आजमगढ़। महाराजगंज कोतवाली क्षेत्र में दो दिन से लापता किसान का शव मंगलवार सुबह नदी किनारे मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान जयप्रकाश यादव (42) पुत्र गुलाब यादव, निवासी नौबरार देवारा जदीद किता दोयम के रूप में हुई। परिजनों के अनुसार जयप्रकाश 12 जुलाई को घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। काफी तलाश के बाद भी उनका पता नहीं चलने पर देवारांचल पुलिस चौकी में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। मंगलवार सुबह करीब 7:40 बजे महुला-गढ़वल बांध के किनारे औघड़गंज बाजार से करीब 100 मीटर पूर्व ग्रामीणों ने नदी किनारे शव देखा और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची महाराजगंज पुलिस ने शव बाहर निकलवाकर उसकी पहचान कराई, जिसके बाद परिजनों में कोहराम मच गया। जयप्रकाश चार भाइयों में सबसे बड़े थे और खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए बताया कि मौत के कारणों का खुल...

भाई की हत्या के दोषी को आजीवन कारावास

रुपये के बंटवारे के विवाद में छोटे भाई ने की थी बड़े भाई की हत्या
अदालत ने सुनाई उम्रकैद व 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा

आजमगढ़। हत्या के एक चर्चित मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-1 कमलापति ने आरोपी अंकित सिंह को आजीवन कारावास तथा 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। यह फैसला शुक्रवार को सुनाया गया। 

 अभियोजन के अनुसार बिलरियागंज थाना क्षेत्र के बरोही फत्तेपुर गांव में 16 अगस्त 2019 की रात करीब साढ़े आठ बजे जमीन बेचने से मिले रुपये के बंटवारे को लेकर दो सगे भाइयों में विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि छोटे भाई अंकित सिंह ने बड़े भाई अवनीश सिंह पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस दौरान अंकित की पत्नी रिम्मी उर्फ गोल्डी ने भी उसका साथ दिया। गंभीर रूप से घायल अवनीश को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद मृतक की पत्नी किरण ने देवर अंकित सिंह और देवरानी रिम्मी उर्फ गोल्डी के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच पूरी कर दोनों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई के दौरान रिम्मी उर्फ गोल्डी फरार हो गई, जिससे उसकी पत्रावली अलग कर दी गई। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी गोपाल पाण्डेय और संजीव सिंह ने आठ गवाहों को पेश किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी अंकित सिंह को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

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