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संस्कृत और संस्कृति की रक्षा करें ब्राह्मण: सत्यव्रत ब्रह्मचारी

ज्ञान-तप के प्रतीक ब्राह्मणों ने सदैव राष्ट्र को किया मजबूत: विजय बहादुर पाठक माँ शारदा स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सनातन संस्कृति के ध्वजवाहक  ब्राह्मणों का सम्मान आजमगढ़। गहजी स्थित माँ शारदा स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर में सनातन संस्कृति के ध्वजवाहक विद्वान ब्राह्मणों के सम्मान में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुमुक्षु आश्रम, अंबेडकर नगर के महंत सत्यव्रत ब्रह्मचारी, मौनी बाबा आश्रम के महंत शुभम दास जी महाराज तथा मुख्य अतिथि एमएलसी विजय बहादुर पाठक ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।  विद्यालय के प्रबंधक फौजदार सिंह, निदेशक संजय सिंह, सौरभ सिंह, प्राचार्य डॉ. दिवाकर सिंह एवं राममिलन सिंह ने मंचासीन अतिथियों सहित सैकड़ों ब्राह्मणों को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान अखिल भारत वर्षीय ब्राह्मण सभा के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष पं. सुभाष चंद्र तिवारी ‘कुन्दन’ तथा राष्ट्रीय संगठन मंत्री संजय कुमार पांडेय ‘सरस’ ने प्रबंधक फौजदार सिंह को उनके धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों के लिए सम्मान पत्र प्रदान किया। वहीं ब्र...

भाई की हत्या के दोषी को आजीवन कारावास

रुपये के बंटवारे के विवाद में छोटे भाई ने की थी बड़े भाई की हत्या
अदालत ने सुनाई उम्रकैद व 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा

आजमगढ़। हत्या के एक चर्चित मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-1 कमलापति ने आरोपी अंकित सिंह को आजीवन कारावास तथा 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। यह फैसला शुक्रवार को सुनाया गया। 

 अभियोजन के अनुसार बिलरियागंज थाना क्षेत्र के बरोही फत्तेपुर गांव में 16 अगस्त 2019 की रात करीब साढ़े आठ बजे जमीन बेचने से मिले रुपये के बंटवारे को लेकर दो सगे भाइयों में विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि छोटे भाई अंकित सिंह ने बड़े भाई अवनीश सिंह पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस दौरान अंकित की पत्नी रिम्मी उर्फ गोल्डी ने भी उसका साथ दिया। गंभीर रूप से घायल अवनीश को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद मृतक की पत्नी किरण ने देवर अंकित सिंह और देवरानी रिम्मी उर्फ गोल्डी के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच पूरी कर दोनों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई के दौरान रिम्मी उर्फ गोल्डी फरार हो गई, जिससे उसकी पत्रावली अलग कर दी गई। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी गोपाल पाण्डेय और संजीव सिंह ने आठ गवाहों को पेश किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी अंकित सिंह को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

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