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खास खबर

बाइक फिसलने से हादसा, 17 वर्षीय किशोर की मौत

स्कूल के पास बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिरी अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने मृत घोषित किया सरायमीर थाना क्षेत्र के मदरसा बैतूल उलूम के पास रविवार शाम बाइक फिसलने से हुए हादसे में पीछे बैठे 17 वर्षीय किशोर की मौत हो गई। हादसे के बाद परिजन उसे उपचार के लिए अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना से परिवार में कोहराम मचा है। साइज़ाना गांव निवासी रियाजुद्दीन का 17 वर्षीय पुत्र यासीन रविवार शाम अपने साथी सलमान के साथ बाइक से जा रहा था। बताया गया कि शाम करीब सात बजे मदरसा बैतूल उलूम के पास अचानक बाइक फिसल गई। इससे बाइक सवार दोनों सड़क पर गिर गए। हादसे में पीछे बैठे यासीन को गंभीर चोटें आईं। परिजन उसे तत्काल अस्पताल ले गए, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यासीन तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था। किशोर की मौत की खबर मिलते ही घर में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, थाना प्रभारी भुवनेश कुमार चौबे ने बताया कि घटना की उन्हें जानकारी नहीं है।

भाई की हत्या के दोषी को आजीवन कारावास

रुपये के बंटवारे के विवाद में छोटे भाई ने की थी बड़े भाई की हत्या
अदालत ने सुनाई उम्रकैद व 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा

आजमगढ़। हत्या के एक चर्चित मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-1 कमलापति ने आरोपी अंकित सिंह को आजीवन कारावास तथा 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। यह फैसला शुक्रवार को सुनाया गया। 

 अभियोजन के अनुसार बिलरियागंज थाना क्षेत्र के बरोही फत्तेपुर गांव में 16 अगस्त 2019 की रात करीब साढ़े आठ बजे जमीन बेचने से मिले रुपये के बंटवारे को लेकर दो सगे भाइयों में विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि छोटे भाई अंकित सिंह ने बड़े भाई अवनीश सिंह पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस दौरान अंकित की पत्नी रिम्मी उर्फ गोल्डी ने भी उसका साथ दिया। गंभीर रूप से घायल अवनीश को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद मृतक की पत्नी किरण ने देवर अंकित सिंह और देवरानी रिम्मी उर्फ गोल्डी के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच पूरी कर दोनों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई के दौरान रिम्मी उर्फ गोल्डी फरार हो गई, जिससे उसकी पत्रावली अलग कर दी गई। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी गोपाल पाण्डेय और संजीव सिंह ने आठ गवाहों को पेश किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी अंकित सिंह को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

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