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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

कलयुगी बेटे ने मां-बाप सहित बहन की कुल्हाड़ी से बेटे ने की हत्या

पिता की डांट से क्षुब्ध बेटे ने दिया घटना को अंजाम

आजमगढ़। कप्तानगंज थाना के धंधारी गांव निवासी भानू प्रताप सिंह ने गांव के बाहर रोड के किनारे मकान बनाकर परिवार के साथ रहते थे। एक दिन पूर्व किसी बात को लेकर उन्होंने अपने पुत्र को डांट फटकार लगाई थी। इस बात से उनका बेटा काफी नाराज था। शनिवार की रात पिता की डांट से क्षुब्ध होकर राजन ने अपने पिता भानू प्रताप सिंह, मां सुनीता देवी (45) बहन राशि सिंह (13 वर्ष) की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी और फरार हो गया। घटना की जानकारी होते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए और छानबीन में जुट गए।

धंधारी गांव निवासी भानू प्रताप सिंह ने गांव के बाहर रोड के किनारे मकान बनाकर परिवार के साथ रहते थे। एक दिन पूर्व किसी बात को लेकर उन्होंने अपने पुत्र को डांट फटकार लगाई थी। इस बात से उनका बेटा काफी नाराज था। शनिवार की रात पिता की डांट से क्षुब्ध होकर राजन ने अपने पिता भानू प्रताप सिंह 48 पुत्र हरिनारायण सिंह, मां सुनीता देवी 45 औ बहन राशि सिंह 13 वर्ष की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी और फरार हो गया।  सुबह गांव वाले टहलने निकले तो उन्होंने जब घर में कोई हरकत नहीं देखी और घर का दरवाजा खुला पाया तो आशंका वश उन्होंने घर में देखा। घर तीनों की लाश बिस्तर पर अलग-अलग पड़ी थी। जबकि उनका पुत्र लापता था। घटना की सूचना के बाद मौके पर डीआईजी अखिलेश कुमार, पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य समेत पुलिस अधिकारी व फील्ड यूनिट मौके पर पहुंच गई। घटना की बारीकी से साइंटिफिक तरीके से जांच पड़ताल की। भानू प्रताप सिंह की दूसरी पुत्री रानी सिंह उम्र 15 वर्ष घटना के समय वहां मौजूद नहीं थी। वह जिला मुख्यालय पर किसी रिश्तेदार के यहां आई थी इसलिए वह बच गई। मौके पर पहुंचे एसपी अनुराग आर्य ने बताया कि राजन सिंह द्वारा ही घटना को अंजाम दिया गया है। इसकी सूचना मिली है वह मौके से फरार है। इस घटना की जांच के लिए एसपी ग्रामीण के नेतृत्व में दो टीमों का गठन किया गया है। जल्द ही घटना का अनावरण करते हुए दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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