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खास खबर

सागर पैलेस में गणेश पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ पहली शादी की शुरुआत

आधुनिक सुविधा से सुसज्जित मैरिज हॉल से क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर ठेकमा। क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण उस समय आया जब आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ‘सागर पैलेस’ मैरिज हॉल में गणेश पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ पहली शादी की शुरुआत की गई। मैरिज हॉल के संस्थापक राम प्यारे राय ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ कराया। क्षेत्र में पहले विवाह एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए समुचित व्यवस्था न होने के कारण लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता था। ऐसे में सागर पैलेस के शुरू होने से अब क्षेत्रवासियों को एक सुसज्जित और व्यवस्थित स्थान मिल गया है, जहां विवाह, मांगलिक कार्यक्रम और सामाजिक आयोजन आसानी से आयोजित किए जा सकेंगे। सागर पैलेस के संचालन से क्षेत्र में रोजगार सृजन की दिशा में भी एक अहम पहल हुई है, जिससे स्थानीय लोगों को काम के अवसर मिलेंगे। ज्ञात हो कि 22 जुलाई 2024 को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन कर निर्माण कार्य की शुरुआत की गई थी। निरंतर प्रयासों के बाद निर्माण कार्य पूरा हुआ और 11 फरवरी 2026 को गृह प्रवेश के साथ इसे औपचारिक रूप ...

Azamgarh: नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के आरोपी को दस साल कैद तथा 25 हजार रुपये अर्थदंड

वर्ष 2017 में 11 वर्ष की नाबालिग लड़की के साथ हुआ था दुष्कर्म

आजमगढ़। वर्ष 2017 में 11 साल की नाबालिग छात्रा के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालन ने आरोपी को आरोपी को दस वर्ष के कारावास तथा पच्चीस हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। यह फैसला विशेष न्यायाधीश पाक्सो कोर्ट नंबर-2 जितेंद्र यादव ने शुक्रवार को सुनाया।

मुकदमें के अनुसार रौनापार थाना क्षेत्र के एक गांव में 2 जुलाई 2017 की सुबह लगभग नौ बजे पीड़िता घर में अकेली थी। पीड़िता की माता बकरी चराने के लिए घर से बाहर गई थी। पीड़िता को अकेला देखकर गांव का ही एक किशोर पीड़िता के घर में घुस गया और उसके साथ जबरदस्ती दुराचार किया। इस मामले में पीड़िता की माता द्वारा रौनापार थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद बाल अपचारी नाबालिग किशोर के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित कर दी। अभियोजन पक्ष की तरफ से विशेष लोक अभियोजक राजेंद्र प्रसाद मिश्र ने पीड़िता तथा उसकी माता और भाई समेत कुल आठ गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी बाल अपचारी को दस साल के कारावास तथा पच्चीस हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।

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