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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

पूर्वांचल प्रदेश डेस्कः मंकीपॉक्स को लेकर यूपी में सतर्कता

स्वास्थ्य विभाग तैयार कर रहा है गाइडलाइन

अमेरिका सहित कई देशों में मंकीपॉक्स की बीमारी को लेकर प्रदेश में भी विशेष सावधानी बरती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग इसे लेकर गाइडलाइन तैयार कर रहा है। बुधवार शाम तक इसे जारी किया जा सकता है।

दुनियाभर में इसके मरीजों की संख्या करीब 100 तक पहुंचने के बाद डब्ल्यूएचओ की ओर से अलर्ट जारी किया गया है। राज्य सर्विलांस अधिकारी डॉ. विकाशेंदु अग्रवाल ने बताया कि केंद्र के सावधानी बरतने के निर्देश के बाद स्वास्थ्य महानिदेशालय गाइडलाइन तैयार कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि हर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सैंपल कलेक्शन की व्यवस्था की जा रही है। यहां से सैंपल एनआईवी पुणे भेजे जाएंगे। जहां भी चिकनपॉक्स के मरीज मिलेंगे, उनकी निगरानी की जाएगी। यदि पीड़ित उन देशों से लौटा है, जहां मंकीपॉक्स फैला हुआ है तो उसे अलग वार्ड में भर्ती कर लिया जाएगा। मंकीपॉक्स फैलने वाले देश से आए व्यक्ति के संपर्क में आने वाले में लक्षण मिलते हैं तो उसकी भी जांच कराई जाएगी। जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी तक मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था बनाई जा रही है। आशा कार्यकर्ता और एएनएम को भी इस बीमारी के बारे में जानकारी दी जाएगी।

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