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खास खबर

घूस लेते लेखपाल का वीडियो वायरल

कैंसर पीड़ित से 50 हजार वसूलने का आरोप आजमगढ़। मार्टीनगंज तहसील में तैनात एक लेखपाल का घूस लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामले में पीड़ित ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। बताया जा रहा है कि यह मामला क्षेत्र के दुबरा गांव का है। गांव निवासी कैंसर पीड़ित सदरुद्दीन ने आरोप लगाया है कि जमीन का पट्टा दिलाने के नाम पर लेखपाल ने उससे कई किस्तों में करीब 50 हजार रुपये वसूल लिए, लेकिन अब तक पट्टा नहीं किया गया। हाल ही में लेखपाल द्वारा घूस लेते हुए एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पीड़ित सदरुद्दीन ने बुधवार को जिलाधिकारी से मिलकर मामले की शिकायत की और न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने आरोप लगाया कि बीमारी की हालत में भी उनसे पैसे लिए गए, लेकिन काम नहीं किया गया। गौरतलब है कि इससे पहले भी इसी तहसील में तैनात कानूनगो जयप्रकाश को एंटी करप्शन टीम ने पांच हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था, जिससे तहसील में भ्रष्टाचार के आरोपों को और बल मिल रहा है। इस संबंध में एसडीएम दिव्या सिकरवार ने बताया कि मामल...

छापेमारी में खाली मिला डायग्नोस्टिक सेंटर, डॉक्टर-स्टाफ नदारद

एसडीएम के निर्देश पर प्रशासन की कार्रवाई 

संचालक को अभिलेखों समेत तहसील तलब

आजमगढ़। फूलपुर तहसील क्षेत्र में संचालित डायग्नोस्टिक और पैथालॉजी सेंटरों की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। तहसील मुख्यालय स्थित थाना परिसर के समीप संचालित जनता डायग्नोस्टिक एवं पैथालॉजी सेंटर पर प्रशासनिक टीम द्वारा की गई आकस्मिक जांच में न डॉक्टर मिले, न रेडियोलॉजिस्ट और न ही कोई टेक्नीशियन मौजूद पाया गया। मौके पर केवल एक महिला कर्मचारी मिली, जो मरीजों की संख्या और जांच संबंधी स्पष्ट जानकारी नहीं दे सकी।

  बताया जा रहा है कि क्षेत्र में कई डायग्नोस्टिक और पैथालॉजी सेंटर बिना विशेषज्ञ डॉक्टरों के केवल टेक्नीशियनों के सहारे संचालित किए जा रहे हैं। इसे लेकर लंबे समय से शिकायतें भी मिल रही थीं। जिलाधिकारी आजमगढ़ के निर्देश पर कुछ दिन पूर्व एसीएमओ द्वारा जनता सोनोग्राफी सेंटर का आकस्मिक निरीक्षण किया गया था, उस समय भी डॉक्टर और तकनीकी स्टाफ अनुपस्थित पाए गए थे। इसी क्रम में दोपहर करीब 1:45 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फूलपुर के चिकित्साधीक्षक डॉ. अखिलेश कुमार के साथ प्रशासनिक टीम जनता सोनोग्राफी एवं डायग्नोस्टिक सेंटर पहुंची। निरीक्षण के दौरान न कोई मरीज मिला और न ही कोई जिम्मेदार चिकित्सकीय स्टाफ मौजूद था। मौके पर उपस्थित कर्मचारियों को उपजिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि संबंधित संचालक और डॉक्टर सभी अभिलेखों के साथ अपराह्न 3:30 बजे तहसील मुख्यालय स्थित कार्यालय में उपस्थित होकर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करें। क्षेत्र में लगातार निरीक्षण के दौरान डॉक्टरों और संचालकों के अनुपस्थित मिलने से लोगों में चर्चा है कि सेंटर संचालकों को जांच की सूचना पहले ही मिल जाती है। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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