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खास खबर

शाहखजूरा बाजार में मे​डिकल संचालक से लूट

दुकान बंद कर घर लौट रहा था पीड़ित सूचना पर पहुंची पुलिस जांच में जुटी आजमगढ़। रानी की सराय थाना क्षेत्र के शाहखजूरा बाजार में शनिवार देर रात लूट की घटना से हड़कंप मच गया। मेडिकल स्टोर संचालक कमलेश कुमार यादव से बदमाशों ने चेन छीनकर फरार हो गए। टेगरपुर गांव निवासी कमलेश कुमार यादव अपनी मेडिकल स्टोर बंद कर देर रात घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे दो अज्ञात बदमाशों ने अचानक पीछे से उन पर झपट्टा मार दिया और गले में पहनी चेन छीन ली। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से तेजी से फरार हो गए। सूचना मिलते ही रानी की सराय पुलिस और क्षेत्राधिकारी (सीओ) मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है तथा संभावित आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। लोगों ने पुलिस से रात्रि गश्त बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने की मांग की है।

सेहरे से पहले बिछड़ गया भाई, नम आंखों से पूरी हुई शादी

दर्द और परंपरा के बीच स्ट्रेचर पर निभीं वैवाहिक रस्में

एंबुलेंस में स्ट्रेचर पर कराई जा रही दी
बलिया। जनपद के बनकटा गांव में शुक्रवार को शादी की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब बारात निकलने से ठीक पहले एक दर्दनाक सड़क हादसे में दूल्हे के छोटे भाई की मौत हो गई और दूल्हा गंभीर रूप से घायल हो गया। शोक के बीच दोनों परिवारों ने सादगी के साथ विवाह की रस्में पूरी कराईं।
अंकित पांडेय
जानकारी के अनुसार, बनकटा निवासी 22 वर्षीय अंकित पांडेय की बारात बांसडीह के मझवा वार्ड नंबर-9 में तेगा तिवारी की पुत्री प्रमिला के यहां जानी थी। शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे अंकित अपने 18 वर्षीय छोटे भाई सर्वजीत पांडेय के साथ भिटिया चट्टी पर शेविंग कराने गया था। वापसी के दौरान गांव के पास एक स्कूली बस ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान सर्वजीत की मौत हो गई, जबकि अंकित की हालत नाजुक देखते हुए उसे ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। वर्तमान में उसका इलाज डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा है। सर्वजीत की मौत की खबर मिलते ही दोनों परिवारों में शोक की लहर दौड़ गई। हालांकि, सामाजिक परंपरा को निभाने के लिए आपसी सहमति से विवाह की रस्में सादगीपूर्वक पूरी की गईं। देर शाम सीमित लोगों के साथ बारात मझवा पहुंची, जहां बिना किसी धूमधाम के जरूरी रस्में संपन्न कराई गईं। इस दौरान दूल्हे को स्ट्रेचर के सहारे मंडप तक लाया गया और उसने उसी अवस्था में विवाह की रस्में निभाईं।

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