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खास खबर

शाहखजूरा बाजार में मे​डिकल संचालक से लूट

दुकान बंद कर घर लौट रहा था पीड़ित सूचना पर पहुंची पुलिस जांच में जुटी आजमगढ़। रानी की सराय थाना क्षेत्र के शाहखजूरा बाजार में शनिवार देर रात लूट की घटना से हड़कंप मच गया। मेडिकल स्टोर संचालक कमलेश कुमार यादव से बदमाशों ने चेन छीनकर फरार हो गए। टेगरपुर गांव निवासी कमलेश कुमार यादव अपनी मेडिकल स्टोर बंद कर देर रात घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे दो अज्ञात बदमाशों ने अचानक पीछे से उन पर झपट्टा मार दिया और गले में पहनी चेन छीन ली। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से तेजी से फरार हो गए। सूचना मिलते ही रानी की सराय पुलिस और क्षेत्राधिकारी (सीओ) मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है तथा संभावित आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। लोगों ने पुलिस से रात्रि गश्त बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने की मांग की है।

कैम्ब्रिज मॉडर्न स्कूल में ‘फ्यूचर रेडी मॉम’ कार्यशाला का समापन

डिजिटल दौर में जिम्मेदार पैरेंटिंग पर जोर, माताओं को किया गया सम्मानित

जहानागंज। नगर पंचायत स्थित कैम्ब्रिज मॉडर्न स्कूल में माताओं को समर्पित पंचदिवसीय कार्यशाला ‘फ्यूचर रेडी मॉम’ का शनिवार को प्रमाण-पत्र वितरण समारोह के साथ भव्य समापन हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शामिल माताओं ने डिजिटल युग में बच्चों की परवरिश, स्मार्ट पैरेंटिंग और तकनीक के सकारात्मक उपयोग से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।

कार्यक्रम का शुभारंभ क्षेत्राधिकारी सदर एवं उप पुलिस अधीक्षक आस्था जायसवाल तथा विद्यालय के प्रबंधक राकेश सिंह द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर आस्था जायसवाल ने कहा कि वर्तमान समय पूरी तरह डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित हो चुका है, ऐसे में बच्चों की परवरिश के तरीके भी तेजी से बदल रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब बच्चों की पसंद-नापसंद और दिनचर्या पर तकनीक का गहरा प्रभाव है, जिससे अभिभावकों की भूमिका और भी अहम हो गई है। उन्होंने मोबाइल के बढ़ते उपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चे तकनीकी चीजों को तेजी से सीखते हैं, इसलिए अभिभावक अक्सर उन्हें मोबाइल थमा देते हैं। मोबाइल तात्कालिक समाधान तो दे सकता है, लेकिन बच्चों को आत्मनिर्भर और मानसिक रूप से मजबूत बनाने में बाधा भी बन सकता है। उन्होंने माताओं से बच्चों के साथ संवाद बढ़ाने और तकनीक के संतुलित उपयोग पर विशेष ध्यान देने की अपील की। विद्यालय के प्रबंधक राकेश सिंह ने भी नैतिक मूल्यों और अच्छे पालन-पोषण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए माता-पिता की जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम के अंत में आस्था जायसवाल ने कार्यशाला में भाग लेने वाली सभी माताओं को ‘स्मार्ट मॉम’ प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य मनोज कुमार पाण्डेय ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय परिवार के सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।

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