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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

अब आजमगढ़ के यदुवंशियों पर है भाजपा की नजर



सूरज जायसवाल

आजमगढ़। सभी जातिगत आंकड़ा दुरूस्त करने के बाद अब आजमगढ़ के यदुवंशियों पर भाजपा अपनी नजर गड़ाये हुए है। सब मिलाकर भाजपा की इस बार की तैयारी यहां के अभेद्य समाजवादी किले को पूरी तरह से ध्वस्त करने की है। साईकिल को इस बार पूरी तरह से पंचर कर देने के लिए ही भाजपा ने इस बार स्थानीय यदुवंशी नेताओं को पार्टी में शामिल कराया है। इन नेताओ के बलबूते बीजेपी इनके स्वजातियों पर डोरे डाल रही है। आजमगढ़ के भाजपा प्रत्याशी एवं मौजूदा सांसद दिनेश लाल यादव निरहुआ के लिए इन्हें सक्रिय भी किया गया है। उपचुनाव मे निरहुआ की जीत सुनिश्चित करने के लिए एक स्वजातीय नेता को साईकिल से उतार कर उसे निरहुआ के मंच पर चढ़ाया गया था। इस प्रयोग से भाजपा को यहां सफलता मिल गई। इसीलिए ही पार्टी और भी यदुवंशी नेताओं की तलाश में है। निजामाबाद से बसपा प्रत्याशी रहे डा0 पीयूष सिंह यादव को लखनऊ में बुलाकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने उनको पार्टी मे शामिल कराया। आजमगढ में कई बड़ी स्वास्थ्य एवं स्वास्थ्य शिक्षा की संस्थाओ का संचालन कर रहे डा0 पीयूष का कद इसी से बढ़़ा है। इसीलिए ही पार्टी उन पर भी भरोसा कर रही है। आजमगढ लोकसभा क्षेत्र अंतर्गत पड़ने वाले मुबारकपुर विस क्षेत्र के सपा विधायक एवं जिलाध्यक्ष रहे रामदर्शन यादव को उपचुनाव से ही भाजपा ने अपने पाले कर लिया है। बसपा के एमएलसी रहे कैलाश यादव के साथ गोपालपुर के पूर्व प्रत्याशी रमेश यादव भी भाजपा का दामन थाम चुके है। ब्लाक प्रमुख बलवंत यादव ने भी भगवा झंडा उठा लिया है। 2014 से ही पीएम मोदी आजमगढ पर अपनी नजर गड़ाये हुए हैं। मोदी लहर के बाद भी समाजवादियों ने यहां कमल खिलने नहीं दिया। पूर्वांचल के सभी 26 सीटों में से भाजपा को सिर्फ इसी सीट से हार का सामना करना पड़़ा। तब मुलायम सिंह ने भाजपा के रमाकांत यादव को हराया था। सपा-बसपा गठबंधन के चलते पिछले चुनाव मे आजमगढ के साथ भाजपा को पूर्वांचल की 5 और सीटों पर हार झेलनी पड़ी थी। यह अलग बात है कि बाद में जब यहां से लोकसभा का चुनाव जीते सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव यूपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बने और उन्होंने लोकसभा की अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया तो उपचुनाव में भाजपा के टिकट पर भोजपुरी फिल्म अभिनेता दिनेश लाल यादव निरहुआ यहां से चुनाव जीतने में कामयाब रहे। इस बार मोदी 400 पार करने के लिए पूरे पूर्वांचल की सभी 26 सीटों पर जोर लगाये हुए हैं। इसीलिए ही वह समाजवादियों के गढ़ आजमगढ़ में भी भगवा लहराना चाहते है। हवाई उडान के साथ विश्वविद्यालय की सौगात देकर मोदी आजमगढ के यदुवंशियों का दिल जीतने के लिए वह मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डा0 मोहन यादव को भी यहां भेज चुके हैं। फिलहाल आजमगढ़ के यादवों को लुभाने का भाजपा का हथकण्डा कितना सफल हो पाता है, यह तो आने वाला समय ही बतायेगा।

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