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खास खबर

बारिश बनी जानलेवा: लालगंज में दीवार ढहने से एक की मौत

अहरौला में बारजा गिरा चार घायल, पवई में कच्चे मकान की दीवार गिरी आजमगढ़। जिले में लगातार हो रही बारिश अब जानलेवा साबित होने लगी है। बृहस्पतिवार को अहरौला, लालगंज और पवई में बारिश के कारण तीन अलग-अलग हादसे हुए। इनमें लालगंज में कच्ची दीवार गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि अहरौला में मकान का बारजा गिरने से चार लोग घायल हो गए। पवई में कच्चे मकान की दीवार ढहने से बड़ा हादसा टल गया। अहरौला थाना क्षेत्र के पारा फुलवरिया बाजार में इकबाल पुत्र माजिज के दो मंजिला मकान का बारजा अचानक गिर पड़ा। नीचे संचालित जनरल स्टोर पर उस समय ग्राहक मौजूद थे। हादसे में एक ग्राहक और उसकी माता को हल्की चोटें आईं, जबकि इकबाल के साडू अकबर की पुत्रियां रेशमा समेत दो बच्चियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। स्थानीय लोगों ने मलबे में दबे घायलों को बाहर निकालकर निजी अस्पतालों में भर्ती कराया। बारजा गिरने से जनरल स्टोर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और दुकानदार को लगभग 50 हजार रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान है। उधर, लालगंज थाना क्षेत्र के बेरवा विशंभरपुर गांव में लगातार बारिश के कारण कच्ची दीवार भरभराकर गिर गई...

डिजिटलाइजेशन पंजिका और आनलाइन उपस्थिति के विरोध में प्रदर्शन

जिलामंत्री ने सरकार के आदेश को बताया तुगलकी फरमान
15 जुलाई को जिला मुख्यालय पहुंचने का आह्वान




आजमगढ़। आन लाइन उपस्थिति के विरोध में शनिवार को बीआरसी ठेकमा पर शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों सहित कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में महानिदेशक स्कूल शिक्षा द्वारा जारी अव्यवहारिक आदेश डिजिटलाइजेशन पंजिका एवं ऑनलाइन उपस्थिति का सभी ने जमकर विरोध किया। 


प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलामंत्री जितेंद्र कुमार राय ने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा शिक्षकों का आए दिन तरह-तरह के तुगलकी फरमान जारी कर  उनका मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। डिजिटल पंजिका और ऑनलाइन उपस्थिति का अव्यवहारिक आदेश जारी किया गया है, जिसका हम पुरजोर विरोध करते हैं। उन्होेंने कहा कि हम शिक्षकों को अपमानित करने का कार्य किया जा रहा है। हम सभी आज कई वर्षों से अपनी जायज मांगों को लेकर शासन से कई बार वार्ता कर चुके हैं। लेकिन आज तक हमारी मांगों पर कोई निर्णय नही लिया गया। दस वर्षाे से अधिक समय बीत गया। लेकिन एक भी पदों पर पदोन्नति नही की गई। पुरानी पेंशन नही बहाल की गई, राज्य कर्मचारी की सुविधाएं नही मिली, हमारे साथ विद्यालयों में पूरे मनोयोग से कार्य कर रहे शिक्षामित्र और अनुदेशकों की स्थिति भी दयनीय हो चुकी है। आज उनसे काम पूरा लिया जा रहा। लेकिन मानदेय मात्र नौ से दसा हजार दिया जा रहा। इस मंहगाई में इस अल्प मानदेय में उनका परिवार कैसे चलेगा। गैर शैक्षणिक कार्यों का अंबार लगा है। कैशलेश चिकित्सा की व्यवस्था नही है। हम सभी ऑनलाइन हाजिरी का विरोध नही कर रहे हैं। सिर्फ हम सभी को राज्यकर्मियों के तरह अवकाश की सभी सुविधा दे दी जाए। शिक्षामित्र संघ के जिलामंत्री ओमप्रकाश यादव ने बताया कि आगामी 15 जुलाई को संयुक्त मोर्चा द्वारा इस अव्यवहारिक आदेश के विरोध में जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष विशाल धरना प्रदर्शन करते हुए जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपेगा। प्रदर्शन में नंदलाल मौर्या, ओमप्रकाश यादव, मनीष कुमार गुप्ता, प्रमोद मौर्य, अलका राय, लल्लन यादव, गीता राय, कविता तिवारी, प्रमोद राय, विनय पाठक, संतोष यादव आदि उपस्थित रहे।

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