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खास खबर

सागर पैलेस में गणेश पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ पहली शादी की शुरुआत

आधुनिक सुविधा से सुसज्जित मैरिज हॉल से क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर ठेकमा। क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण उस समय आया जब आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ‘सागर पैलेस’ मैरिज हॉल में गणेश पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ पहली शादी की शुरुआत की गई। मैरिज हॉल के संस्थापक राम प्यारे राय ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ कराया। क्षेत्र में पहले विवाह एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए समुचित व्यवस्था न होने के कारण लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता था। ऐसे में सागर पैलेस के शुरू होने से अब क्षेत्रवासियों को एक सुसज्जित और व्यवस्थित स्थान मिल गया है, जहां विवाह, मांगलिक कार्यक्रम और सामाजिक आयोजन आसानी से आयोजित किए जा सकेंगे। सागर पैलेस के संचालन से क्षेत्र में रोजगार सृजन की दिशा में भी एक अहम पहल हुई है, जिससे स्थानीय लोगों को काम के अवसर मिलेंगे। ज्ञात हो कि 22 जुलाई 2024 को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन कर निर्माण कार्य की शुरुआत की गई थी। निरंतर प्रयासों के बाद निर्माण कार्य पूरा हुआ और 11 फरवरी 2026 को गृह प्रवेश के साथ इसे औपचारिक रूप ...

भारत पैरामेडिकल कालेज में डीएमएलटी की परीक्षा संपन्न

सीसी टीवी कैमरे की नजर में कड़ी सुरक्षा के बीच 44 ने दी परीक्षा 

आजमगढ़। ठेकमा स्थित भारत पैरामेडिकल कॉलेज में बृहस्पतिवार को डिप्लोमा इन मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नीशियन एसोसिएट राष्ट्रीय स्तर पर एकाडमी बोर्ड यमएलटा द्वारा फस्ट ईयर (डीएमएलटी) की परीक्षा सीसी टीवी कैमरे की नजर में कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हुई। परीक्षा में कुल 49 छात्र-छात्राओं का पंजीकरण हुआ था। जिसमें से 44 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी। 


डीएमएलटी की परीक्षा परीक्षक बीएचयू के पैथोलाजिस्ट पंकज कुमार श्रीवास्तव और सेवानिवृत्त पैथोलाजिस्ट डा. पवन पांडे की देखरेख में संपन्न कराया गया। विद्यालय के प्रबंधक डा. मधुनाथ प्रजापति ने बताया कि भारत पैरा मेडिकल कॉलेज से अब तक निकलने छात्र-छात्राएं स्वरोजगार से लेकर कई अस्पतालों में काम कर रहे हैं साथ ही स्वरोजगार कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कॉलेज में नियमित रूप से कक्षाओं में आधुनिक मशीनों द्वारा छात्र-छा़त्राओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। डिप्लोमा इन मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नीशियन कोर्स की अवधि दो वर्ष है। डिप्लोमा इन मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नीशियन के कर्तव्यों में रक्त और अन्य शारीरिक तरल पदार्थों के नमूने एकत्र करना, संग्रहीत करना और संरक्षित करना, शारीरिक तरल पदार्थों का विष्लेषण और जांच करना, मूत्र में रसायनों का निर्धारण करना और उनके स्तरों की जांच करना शामिल है। इसमें शरीर के द्रव्य जैसे द्रव, ऊतक और रक्त का विश्लेषण शामिल है। इसमें सूक्ष्मजीव स्क्रीनिंग, रासायनिक विश्लेषण और कोशिका गणना भी शामिल है। ये पेशेवर, मेडिकल लैब तकनीशियन और प्रौद्योगिकीविद् सूचना एकत्र करने, नमूना लेने, परीक्षण करने, रिपोर्टिंग करने और चिकित्सा जांच का दस्तावेजीकरण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। 



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