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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम में पेंटिंग, निबंध व प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता

भारत पैरा मेडिकल कालेज के 33 बच्चों ने किया प्रतिभाग

लेखन में मोनिका को मिला पहला स्थान, विजेता हुए सम्मानित



ठेकमा। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एटीईपी) के अंतर्गत गुरूवार को ठेकमा स्थित भारत पैरा मेडिकल कालेज में जन-भागीदारी अभियान के तहत विविध कार्यक्रम हुए। इस दौरान मेडिकल के छात्र-छात्राओं के बीच पेंटिंग, निबंध और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता कराई गई। प्रतियोगिता में कुल 33 बच्चों ने प्रतिभाग किया। परिणाम घोषणा के बाद विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।
पुरस्कार वितरण के दौरान टीबी विभाग के वरिष्ठ पर्यवेक्षक धर्मेंद्र ने सभी को निःक्षय मित्र बनने का आह्वान किया। वरिष्ठ पर्यवेक्षक धर्मेंद्र ने बताया कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य रखा है। टीबी से ग्रसित लोगों को पहचानने ढूंढने के लिए तथा उनके अंदर एक सकारात्मक विचार लाने के साथ ही समाज में लोगों को रोगियों के प्रति सकारात्मक विचार रखने और उन्हें सहयोग देने के लिए लोगों को आगे आना होगा। उन्होंने टीबी के लक्षण और बचाव के बारे में बताते हुए कहा कि दो हफ्ते से ज्यादा खांसी होना, खांसी, थूक में खून का आना, बुखार आना, भूख न लगना, सीने में दर्द, थकान का अनुभव आदि है। टीबी से बचने के उपाए बच्चों को बीसीजी वैक्सीन लगवाएं, टीबी रोगी के पास मास्क और चेहरे को ढ़क कर रहें, टीबी के रोगी का ध्यान रखा जाए कि उसको सांस लेने में दिक्कत ना हो, टीबी के लिए डॉक्टर से संपर्क में रहें। वहीं प्रतियोगिता के क्रम में लेखन में मोनिका राव ने प्रथम, खुशहाली विश्वकर्मा ने दूसरा और नेहा विश्वकर्मा को तीसरा स्थान मिला। विजेताओं सहित दस लोगों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर जैनेंद्र मिश्रा और प्रबंधक डा. मधुनाथ प्रजापति ने सभी विजेताओं को बधाई दी।

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